काफिया : ई

रदीफ़: रहेगी


सदैव दिल पर नमी रहेगी !

दिवस में गहरी तमी रहेगी !1!


बगैर तेरे डगर हमारी !

कसक से हरदम भरी रहेगी !2!


कपाट पर इंतजार कर कर !

मगर निगाहें थमी रहेगी !3!


पहाड़ जैसी मलाल आये !

मगर अधर पर खुशी रहेगी !4!


मुकाम हासिल किया बहुत पर !

कमी हमेशा कमी रहेगी!5!


✍️ज्योति नव्या श्री

रामगढ़ , झारखण्ड