कुण्डलिया

बलिदानी सुधि श्रृंखला, वाहेगुरु लें धार। 

दें वजीर बहु लालसा, करें  बाल इनकार।।


बाल करें इन्कार,  शहादत पथ वे  चुनते।

देश धर्म से प्यार,  प्राण तज  आत्मा वरते।।


चुने  गये दीवार,   बोध बिसरे   हैवानी।

साक्षी  गईं सिधार,  जियें युग युग बलिदानी।।


मीरा भारती