जलते हैं दिल के दिये, मेरे गणतंत्र के लिए !

जलते हैं दिल के दिये,

मेरे गणतंत्र के लिए,

प्यार छुपा है सारा,

तिरंगा सबसे न्यारा,

भारतवर्ष हमारा,

राष्ट्र ध्वज फहराये,

मस्तक गर्व से ऊंचा जाऐ

इसकी शान निराली,

देश में हो खुशहाली।

चलते हैं गणतंत्र के लिए

सब इकट्ठा हो जाऐं,

सुख शांति, खुशियों

के लिए दुख सारे भुलाएं,

मिलकर नाचे-गायें

खुशियों के गीत सुनाऐं,

मेरे गणतंत्र के लिए !


                   -- नेहा ठाकुर " नेह "

                      इंदौर, मध्यप्रदेश              

                   मो.नं. 6264366070