भारत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में वैश्विक बाजारों में योगदान कर सकता है - प्रहलाद एस पटेल

-अनिल बेदाग़-

मुंबई : श्री प्रहलाद सिंह पटेल, माननीय राज्य मंत्री, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा की सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत का खाद्य प्रसंस्करण बाजार २०२५ तक ४७० अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा और देश ५ ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की कोशिश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अन्नपूर्णा-अनुफूड इंडिया २०२२ के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए, माननीय मंत्रीजी ने कहा, "भारत दुनिया का सबसे बड़ा मसाला उत्पादक, दूध और दालों का दुनिया का सबसे बड़ा प्रोसेसर, काजू और उपभोक्ता अनाज, फल और सबजीयो का दुनिया का दुसरे सबसे बड़ा उत्पादक देश के रूप में उभरा है। खाद्य प्रसंस्करण भारत में एक तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र है जो खाद्य खुदरा क्षेत्र में विकास को प्रोत्साहित करने के साथ निवेश के विशाल अवसर प्रदान करता है। 

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय अनुकूल आर्थिक नीतियों और आकर्षक राजकोषीय प्रोत्साहनों के माध्यम से इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाकर भारत में खाद्य उद्योग में निवेश को बढ़ावा दे रहा है। सरकार ने मेगा फूड पार्क योजना के तहत देश में ४१ मेगा फूड पार्क (एमएफपी) स्थापित करने की मंजूरी दी है और वर्तमान में २२ मेगा फूड पार्क चल रहे हैं।

मंत्री ने फिक्की-बीसीजी नॉलेज रिपोर्ट, 'भारत की खाद्य प्रसंस्करण क्षमता का दोहन - ए कॉल टू एक्शन' भी जारी किया। उन्होंने आगे उल्लेख किया कि टियर- 2 और टियर- 3 शहर आने वाले सालों में अधिक प्रसंस्कृत भोजन का उपभोग करके महानगरीय क्षेत्रों में देखे गए रुझानों को प्रतिबिंबित कर सकते हैं। अन्नपूर्णा अनुफूड २०२२ सम्मेलन का १५ वां संस्करण और खाद्य और पेय व्यापार और खुदरा बाजार पर प्रदर्शनी १४ से १६ सितंबर, २०२२ तक मुंबई में जारी है।