जैसा पालिका अध्यक्ष का हवा हवाई आदेश वैसे कर्मचारियों का हवा हवाई कार्य

7 वर्षों से लगे मिनी मोटर की पाइप नहीं हो पाई जॉइंट पानी को तरस रहे लोग

ब्यूरो , सीतापुर । लहरपुर सीतापुर- एक माह पहले पालिका अध्यक्ष जास्मीर अंसारी ने मिनी मोटर की पाइप लाइन को जोड़ने का कर्मचारियों को दिया था आदेश परंतु पालिका अध्यक्ष के द्वारा दिए गए आदेश को हवा हवाई मानते हुए कर्मचारी अपनी मदमस्त हवा में मशगूल है, जिससे संदेह उत्पन्न होता है कि क्या पालिका अध्यक्ष द्वारा दिया गया आदेश हवा हवाई ही था या यूं कहें कि पालिका अध्यक्ष के द्वारा दिये गये आदेश को पालिका कर्मचारी मायने नहीं रखते, आपको बताते चलें कि स्वच्छ जल नगर की जनता को मिल सके इसलिए नगर मैं कई जगह मिनी मोटर लगाया गया था ।

इसी के तहत एक लहरपुर नगर के मोहल्ला अंबर सराय स्थित श्री रामलीला मैदान में लगभग 7 वर्ष पहले मिनी मोटर लगाया गया था जिस की सप्लाई मोहल्ला अंबर सराय व लवकुशनगर में आती है, तो वही मेला मैदान से खत्रीयाना रोड पर एक छोटी पुलिया के निकट पानी की पाइप लाइन का जॉइंट कार्य नहीं हो पाया था जिसकी वजह से आज भी कई ऐसे घर हैं जोकि स्वच्छ पानी पीने की आस में बैठे हुए हैं, क्योंकि अगर बात नगर के हैंडपंप की करें तो हैंड पंप में इतना दूषित पानी आता है जिसको पीने मात्र से फेफड़ों आज में दिक्कतें उत्पन्न होती हैं, इस जरा से काम के लिए कई बार पालिका अध्यक्ष से इसके बारे में जानकारी दी गई  ।

जिस पर पालिकाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द कार्य करवा दिया जाएगा उसके ततपश्चात 1 दिन पालिका अध्यक्ष रामलीला मैदान पर टीन सेट डालने को लेकर मौके पर आए थे जिस पर उनसे पाइप लाइन के बारे में मौखिक रूप से कहा गया पालिका अध्यक्ष ने तत्काल मौके पर मौजूद बड़े बाबू नीरज गौर से पाइप लाइन डालने के लिए आदेश दिए, आदेश देने के बाद मोहल्ले वासियों को आस जगी कि अब पाइप लाइन का काम हो जाएगा परंतु काफी समय बीत जाने के बाद ना तो मौके पर कोई देखने कर्मचारी गया और ना ही पाइपलाइन को डालने जिसके बाद कई समाचार पत्रों में खबर का प्रकाशन किया गया खबर के प्रकाशन बाद पालिका कर्मचारी वह बड़े बाबू नीरज गॉड मौके पर पहुंचे मौका देख उन्होंने कहा एक हफ्ते में पाइप लाइन का कार्य करवा दिया जाएगा । 

जिसके बाद लोगों ने 1 हफ्ते तक इंतजार किया इंतजार इतना लंबा था कि लगभग 1 महीने से ज्यादा का समय हो गया अभी तक पाइप लाइन का कार्य नहीं किया गया है, जब इसके बारे में पालिका कर्मचारियो से बात की जाती है तो यह कह कर टाल देते हैं कि लेवर नहीं मिलते परंतु कार्य करवा दिया जाएगा, साथ ही कुछ जानकारों का कहना है कि पालिका कर्मचारी उस काम में हाथ डालते हैं जिस काम में उनका फायदा होता है अगर यही टेंडर बेस पर लाखों का काम होता तो शायद इतने दिनों में पता नहीं कब का हो जा चुका होता।