ओडिशा के मुख्य सचिव एस सी महापात्र को छह महीने के लिए के लिए दिया गया दूसरा विस्तार

भुबनेश्वर : ओडिशा के मुख्य सचिव एस सी महापात्र को छह महीने के लिए सेवा में दूसरा विस्तार दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की सिफारिश पर केंद्र ने महापात्र का सेवा विस्तार दिया। 23 अगस्त, 2022 को एक पत्र के माध्यम से कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय में अवर सचिव कुलदीप चौधरी द्वारा ओडिशा सरकार को पत्र भेजा गया था। महापात्रा का पहला विस्तार 31 अगस्त, 2022 को समाप्त होना है अब उनका कार्याकाल 28 फरवरी, 2023 तक होगा। 

उनकी सेवा के विस्तार ने संकेत दिया कि राज्य सरकार अतिरिक्त मुख्य सचिव रैंक के सात ओडिशा कैडर के अधिकारियों में से किसी के लिए उत्सुक नहीं है, विशेष राहत आयुक्त पी के जेना और राजेश वर्मा को छोड़कर, जिन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। 

महापात्र को पहले ओडिशा विद्युत नियामक आयोग का नया अध्यक्ष बनने की जानकारी दी गई थी, यह पद 16 जनवरी 2022 से खाली था। फरवरी में राज्य सरकार द्वारा पंचायत चुनाव की घोषणा के कारण उन्हें अपना पहला विस्तार मिला था। उन्होंने 1 जनवरी, 2021 को मुख्य सचिव के रूप में असित त्रिपाठी का स्थान लिया था।

वह ओडिशा के मुख्य सचिव के रूप में सेवा विस्तार पाने वाले अकेले आईएएस अधिकारी नहीं हैं। आर एन दास अंतिम मुख्य सचिव थे, जिन्हें 1990 और 1995 के बीच बीजू पटनायक के कार्यकाल के दौरान छह-छह महीने के तीन एक्सटेंशन मिले थे। क्योंझर जिले के रहने वाले महापात्र को कंधमाल जिले में जातिगत दंगों से निपटने के लिए जाना जाता है। 

जब 2007 और 2008 में आदिवासी जिले में सांप्रदायिक दंगे हुए तो नवीन पटनायक ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उन्हें वहां भेजा था। उन्होंने 1996 में पुरी के कलेक्टर के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान भगवान जगन्नाथ के नवकलेबर उत्सव को भी संभाला। उन्हें उत्सव के दूसरे संस्करण के दौरान दूसरी बार 2015 में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन का मुख्य प्रशासक नियुक्त किया गया था।