देश का भाग्य यूं ही संवरता रहें, यह उजाला धरा पर उतरता रहें, शीश धड़ पर रहें ना रहें हे प्रभु, यह तिरंगा गगन में फहरता रहें

बलिया। बांसडीह इंटर कालेज में शुक्रवार को आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर  वीर रस के कवियों का जमावड़ा रहा जिसमें ख्यातिप्राप्त कवियों ने कविताएं पढ़ी और दर्शकों की तालियां बटोरीं।   मुख्य अतिथि जिलाविद्यालय निरीक्षक रमेश कुमार सिंह ने सरस्वती के चित्र पर फूल चढ़ाकर व दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। लखनऊ से आयी श्रृंगार रस की कवियत्री व्याख्या मिश्रा ने  देश का भाग्य यूं ही संवरता रहें, यह उजाला धरा पर उतरता रहें,  शीश धड़ पर रहें ना रहें हे प्रभु,  यह तिरंगा गगन में फहरता रहें प्रस्तुत किया। 

लखनऊ से ही आये कवि प्रख्यात मिश्र ने राष्ट्र भक्ति के गीत" राष्ट्र मिलकर लहू में बहे उम्रभर, भारती की जय हम कहें उम्रभर, उम्र छोटी मिले या लम्बी मिलें, पर तिरंगा सरो पर रहें उम्रभर" गीत प्रस्तुत किया।  रायबरेली से आये कवि मधुप श्रीवास्तव नरकंकाल ने राष्ट्र से ओतप्रोत कविता" देशभक्त देवताओं ने किया भारत सिंधू का मंथन, तो आजादी का अमृत हुआ उत्पन्न, यह तिरंगा फहराया जायेगा, आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जायेगा प्रस्तुत किया। नवोदित कवियत्री पायल सिंह परिहार ने वीर रस की कविता " मरें नहीं वे कायरों की मौत, सीने पर गोली खायी थी, लड़ते रहे अंतिम सांस तक भारत का तिरंगा फहराये थे " प्रस्तुत किया। कवियों ने भारत की राष्ट्र भक्ति व देश प्रेम पर कविताएं प्रस्तुत किया। 

 डीआईओएस ने कहा की प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप सभी शिक्षक मिलकर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण देने का प्रयास करें जिससे बच्चे जीवन में नई उंचाई प्राप्त करें। कालेज के प्रंबधक संजय कुमार सिंह मुन्ना जी ने डीआईओएस वह अन्य अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर डा जर्नादन राय, अवध बिहारी चौबे, कृष्ण देव मिश्र, प्रधानाचार्य अनिल पाण्डेय, गिरीश पाण्डेय गब्बर, आशीष पाण्डेय, राजेन्द्र मिश्र, पंचानन्द पाण्डेय, राजप्रकाश सिंह, दीप्तिमान सिंह राहुल, दयानन्द पाठक आदि थे।