पांच साल में सबसे कम बारिश, उत्पादन पर पड़ेगा असर

बांदा। बुंदेलखंड में इस बार मानसून रूठा हुआ है। यहां पर जुलाई में अच्छी बारिश होती है। इसी आधार पर किसान फसलों की बुआई करते हैं। इस बार चित्रकूटधाम मंडल में जुलाई में अब तक 172.48 मिमी बारिश हुई है। वहीं, 15 जून से शुरू हुए मानसूनी सीजन में कुल 182.34 मिमी बारिश हुई है। अब तक 220 मिमी बारिश होनी चाहिए। यह सामान्य से करीब 38 मिमी कम है। जून से 15 जुलाई तक अच्छी बारिश नहीं होने से खरीफ की फसलों की बुआई लक्ष्य के सापेक्ष 10 फीसदी भी नहीं हो सकी थी।

 16 जुलाई के बाद बारिश हुई तो माह के अंत तक 88,316 हेक्टेयर लक्ष्य के सापेक्ष 56,255 हेक्टेयर पर फसल की बुआई हुई। उप निदेशक कृषि विजय कुुमार ने बताया कि खरीफ की बुआई 20 जून से 15 जुलाई तक हो जानी चाहिए। 15 जुलाई के बाद बोई गई फसलों का उत्पादन 22 फीसदी और 30 जुलाई के बाद बोई गई फसल का उत्पादन 50 प्रतिशत तक घट जाएगा। देर में बारिश और फिर खेत सूखने के कारण कुल बुआई की करीब 80 फीसदी 25 जुलाई के बाद हुई है। ऐसे में औसतन उपज 35 से 40 फीसदी तक घट जाएगी। 

आंकड़ों के अनुसार, बुंदेलखंड में इस बार अनाज का बड़ा संकट हो सकता है। सामान्यता ये तीन महीने की फसलें होती हैं। बुंदेलखंड में दलहन, तिलहन मुख्य फसलें हैं। ऐसे में कम वर्षा के चलते इन फसलों की बुआई इस बार समय से न होने पर रकबा घट जाएगा। जहां पानी के साधन हैं, वहां किसानों ने धान लगाना शुरू किया है। मगर आगे बारिश न हुई तो वहां सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था नहीं हो पाएगी। 

इससे फसलों को नुकसान होगा। इस बार खरीफ की फसल अच्छी नहीं होने का अनुमान है। 14 जुलाई को प्रमुख सचिव (कृषि) ने वीडियो कॉन्फ्र्रेंसिंग के माध्यम से मंडलीय अधिकारियों से सूखे को देखते हुए सर्वे कराने के निर्देश दिए थे। सर्वे का काम 30 जुलाई तक पूरा करना था, लेकिन बारिश हो जाने से अब प्रशासन ने सर्वे का काम रोक दिया है।