डॉ. अब्दुल कलाम के महान विचार

डॉ.अब्दुल कलाम जी जो मिसाइल मैन और जनता के राष्ट्रपति के नाम से भी जाने जाते हैं।

उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम के रामनाथपुरम जिले में हुआ। डॉक्टर अब्दुल कलाम जी का देहांत 27 जुलाई 2015 में शिलांग मेघालय में हुआ था।

अपने जीवन काल में एक महान वैज्ञानिक,शिक्षक,लेखक, प्रोफेसर एवं एयरोस्पेस इंजीनियर जैसे महान कार्यों को संभालते हुए प्रकृति तथा देश की युवा पीढ़ी से जुड़े रहे।

 डॉ.अब्दुल कलाम जी के महान विचारों पर चलने की जरूरत आज देश के हर एक युवा शक्ति को है।

27 जुलाई डॉ.अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथि इस अवसर पर आइए जानते हैं डॉ.अब्दुल कलाम जी के कुछ महान विचार

1:- अगर तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो तो पहले सूरज की तरह जलो।:- जब तक हम ज्ञान के प्रकाश से स्वयं प्रकाशित नहीं होते तब तक हम दूसरों को ज्ञान नहीं दे सकते।

दूसरों के जीवन में रोशनी अगर लाने की हमारे मन में इच्छा हो तो पहले हमें अपने अज्ञान का अंधेरा दूर करना होगा

 हमें सूरज की तरह चमकने के लिए ज्ञान के प्रकाश और कड़ी मेहनत का स्वीकार करना होगा यह प्रेरणा हमें डॉ.अब्दुल कलाम जी के इस विचार से मिलती है।

2):- सपने वो नहीं जो आप नींद में देखे, सपने वो है जो आपको नींद ही न आने दे।:- हमारे मन में बहुत बार कुछ अलग करने की इच्छा होती है और हम उसके बारे में सोचते भी रहते हैं और बिना कुछ किए अपने सपनों को सच होते देखना चाहते हैं मगर जिन सपनों को हासिल करना हो उसके लिए मेहनत के सिवा कोई और रास्ता नहीं यह प्रेरणा हमें डॉ.अब्दुल कलाम जी के इस विचार से मिलती है कि,, सपने सोते हुए देखने से सच नहीं होते बल्कि जागकर मेहनत करने से सच में परिवर्तित होते हैं।

3):- मनुष्य के लिए कठिनाइयां बहुत जरूरी है क्योंकि उनके बिना सफलता का आनंद नहीं लिया जा सकता।

कोई भी चीज बिना मेहनत और बिना कठिनाई की हासिल हो तो उसका महत्व नहीं रहता है। हमें हमारे जीवन में हमेशा यह बात याद रखनी है कि जीवन में जब भी हमें हमारा लक्ष्य मिल जाता है तो सबसे पहले हमें याद आती है हमने की हुई हमारी मेहनत और वह सब कठिनाइयां जिसका सामना करके हमने अपनी मंजिल को हासिल किया होता है।

इसी तरह जीवन की मुश्किल और कठिनाइयों से बिना हार माने हमें हमारे जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए यह डॉ.अब्दुल कलाम जी का विचार हमें हर मुश्किल से बाहर निकलने का सही रास्ता दिखाता है।

4):- जब हम दैनिक समस्या से घिरे होते हैं तब हम उन अच्छी चीजों को भूल जाते हैं जो की हम में है।:-

जीवन में कई बार हमें अनेक नकारात्मक परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है कई बार हम लोगों का व्यवहार देख कर इतना दुखी हो जाते हैं कि, स्वार्थ और मतलबी लोगोंसे धोखा खाने के बाद हमें पूरी दुनिया ही स्वार्थी और मतलबी दिखाई देने लगती है मगर एक बात जो हम भूल जाते हैं वह है कि अगर हमें किसी के बुरे व्यवहार से बुरा लगता है इसका मतलब हमारे भीतर अभी भी अच्छाई है इसलिए कभी भी हमारी भीतर की अच्छाई को नहीं भूलना चाहिए।

 लोग भले ही कितना भी बुरा व्यवहार करें मगर हमें हमेशा अपने अच्छाइयों को याद रखें रहना चाहिए तभी हम सुख और शांति से जी सकते हैं।

बाहरी लोगों के व्यवहार के कारण हमें अपने भीतर जो भी अच्छे गुण छिपे है उनको कभी भी नहीं भूलना है यह सुंदर प्रेरणा हमें डॉ.अब्दुल कलाम जी के इस विचार से मिलती है

5):- इंतजार करने वाले को उतना ही मिलता है जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं:-

किसी भी कार्य को करने के लिए हम हमेशा समय का इंतजार करते रहते हैं सोचते हैं कि,,अब नहीं कल करूंगा ऐसे करते करते बहुत सी चीजें हमारे हाथों से छूटती चली जाती है,, फिर एक दिन पछताने के अलावा हमारे पास कुछ भी नहीं रहता इसीलिए परिस्थिति चाहे कैसी भी हो हमें हमेशा हमारे लक्ष्य को प्राप्त करते रहने के लिए कोशिश करते रहना चाहिए कभी भी उचित समय के इंतजार में कोशिश छोड़नी नहीं चाहिए तभी जाकर हम सफलता को प्राप्त कर सकते हैं यह सुंदर संदेश हमें डॉक्टर अब्दुल कलाम जी के इस विचार से मिलता है।

 आशा करते हैं डॉक्टर अब्दुल कलाम जी के यह विचार आपको अवश्य पसंद आए होंगे,,इन्हें पढ़कर अपने जीवन में उतारने की  हमारी कोशिश ही डॉ.अब्दुल कलाम जी के पुण्यतिथी के अवसर पर उनके लिए हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 


                   पुनम सुलाने-सिंगल, जालना, महाराष्ट्र