गुरु वह है जो भीतर के गहन अन्धकार को मिटा दे: महामंडलेश्वर भवानी नन्दन यति जी महाराज

मनिहारी ( गाजीपुर) : सिद्धपीठ हथियाराम मठ पर बुधवार को गुरुपूर्णिमा का पर्व पूरी आस्था और निष्ठा के साथ धूमधाम से मना। इस दौरान बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। भक्तों ने पूरे समर्पण भाव से  गुरु चरणों में शीश नवाया।इस मौके पर  अपने ब्रह्मलीन गुरु महामंडलेश्वर स्वामी बालकृष्ण यति का पूजन-अर्चन के माध्यम से सिद्धपीठ हथियाराम मठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी भवानीनंदन यति जी महाराज ने भक्तों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि गुरु यानी वह जो भीतर के गहन अंधकार को मिटा दे, संसारी प्राणी को भटकने से बचा दे, पापों से मुक्ति करा दे और निज के बोध का ज्ञान कराकर परमात्मा से मिला दे। 'गुरु' भक्तों के जीवन में ऊर्जा का संचार कर उन्हें प्रभु भक्ति का मार्ग दिखाते हैं। 

यति जी महाराज ने कहा कि कहते हैं कि गुरु के आशीर्वाद से मनुष्य अपने जीवन के कठिन से कठिन समय को पार कर लेता है। गुरु के इसी महत्व को ध्यान में रखते हुए हमारे शास्त्रों में एक दिन उनके नाम किया गया है जिसे गुरुपूर्णिमा कहा जाता है। इस अवसर पर मठ पर भंडारे का भी आयोजन किया गया था, जिसमें श्रद्धालुओं द्वारा गुरु पूजा के बाद श्रद्धा के साथ महाप्रसाद ग्रहण किया गया। 

इस अवसर पर डॉ0 रत्नाकर त्रिपाठी, जंगीपुर विधायक बीरेंद्र यादव, बलिया के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि संतोष यादव,संत अभयानंद यति,पूर्व प्रमुख लूटुर राय, भाजपा जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह,जगदीश सिंह, भाजपा मिडिया प्रभारी शशिकांत शर्मा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव,सहित गाजीपुर जनपद के साथ ही आजमगढ़, बलिया, जौनपुर, चंदौली, सहित विभिन्न जनपदों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे।