यह कैसा है फतेहपुर जिला, जहां जारी है भ्रष्टाचार का सिलसिला।

अगर जमीनी स्तर से हो जाएगी जांच, तो संबंधित अधिकारी व प्रधान के ऊपर आ जाएगी आँच

फतेहपुर : उत्तर प्रदेश योगी सरकार के निर्देशों का पालन भले अन्य जनपदों में लागू हो किंतु फतेहपुर जनपद में योगी सरकार  के आदेशों के उड़ाई जा रही है धज्जियां। फतेहपुर डीएम साहिबा द्वारा निर्देशित किया गया है कि किसी भी ग्राम सभा में जिंदगी नहीं मिलनी चाहिए और जो भी शासन द्वारा निर्देश दिए जाते हैं उन निर्देशों में हमें खरे उतरना है यह समस्त संबंधित अधिकारियों व प्रधानों को को निर्देशित किया है किंतु बहुआ ब्लॉक के अंतर्गत नहर खोर ग्राम सभा के पंचायत भवन में दरवाजा खिड़की जंगला सब टूटे-फूटे पड़े हुए हैं और हैंडपंप ध्वस्त पड़ा हुआ है ।

शौचालय ध्वस्त पड़ा हुआ है जबकि ग्राम प्रधान द्वारा उसी पंचायत भवन में इंटरलॉकिंग का कार्य करवाया गया है जब वह पंचायत भवन में कोई कार्य नहीं है बिल्डिंग टूटी पड़ी हुई है सेंट्रल लॉकिंग करवाने का सवाल ही नहीं बनता ग्राम प्रधान द्वारा इंटरलॉकिंग लगवाने का क्या कारण था और पंचायत भवन की बाउंड्री वाल का नीचे भी उखाड़ ले कर अपने निजी कार्य में लगवाया गया है या ग्रामीणों का कहना है जबकि इस ग्राम सभा के ग्रामीणों द्वारा इस पंचायत भवन की शिकायत जिलाधिकारी एवं 1076 में किया गया है लेकिन अभी तक भ्रष्ट अधिकारियों एवं प्रधान के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हुई उसी का फायदा उठाते हुए भ्रष्ट अधिकारी ग्राम प्रधान अपनी मनमौजी से कार्य करवा रहे हैं ।

 जबकि ग्रामीणों का कहना है कि तालाब जो गांव अंदर हैं उस तालाब की खुदाई ना कराकर गांव बाहर के तालाबों की खुदाई करवाया गया है जबकि उस तालाब द्वारा कई घरों का आना जाना बंद हो जाता है घरों में पानी भर जाता है इस तालाब में जब भी प्रधान से कहा जाता है तो प्रधान हा हा कर देते हैं और बारिश जब आती है तो कहते हैं कि बारिश का सीजन है मजदूर मिलते नहीं हैं बारिश के बाद तालाब की खुदाई करवा देंगे । इस तरीके का भ्रष्टाचार नहरखोर ग्राम सभा में फैला हुआ है कब डीएम साहिबा द्वारा इन भ्रष्टाचारियों के ऊपर कारवाई होगी या खानापूर्ति कर कर छोड़ दिया जाएगा।