जाने कितने इम्तिहान लेगी जिंदगी !

 जाने कितने इम्तिहान लेगी जिंदगी !

लगता है अब एक दिन 

जान लेगी जिंदगी!!


सब केअपने घोंसले है 

भाव मेरे यूं छले हैं

कहने से फायदा क्या

इसलिए ये लब सिले हैं

रोटियो का कब तलक

अहसान लेगी जिंदगी

लगता है अब एक दिन 

जान लेगी जिंदगी!!


उनके कद के सामने 

मेरा कद बौना हुआ 

बन गई अनजान सी

हिस्से में कौना हुआ 

डूब न जाऊं कहीं

तूफ़ान है ये जिंदगी!

लगता है अब एक दिन 

जान लेगी जिंदगी!!


तुमने तो मुझसे कहा था 

साथ दोगे हर कदम पर

छोड़ हमको चल दिए 

एक अनजानी डगर पर

भीड़ रिश्तों की मगर 

वीरान है ये जिंदगी

लगता है अब एक दिन 

जान लेगी जिंदगी!!


रश्मि मिश्रा 'रश्मि'

भोपाल मध्यप्रदेश