शिव के बिना जगत में किसी भी आधार पर चेतना संभव नहींः कालेन्द्रानंद

सहारनपुर। देहरादून रोड स्थित जमालपुर में चल रही शिव महापुराण कथा में स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने कहा की शिव ही त्रिगुणात्मक सत्ता रूप में चराचर में व्याप्त है।                       

श्री महाकालेश्वर महादेव मंदिर समिति द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा मैं मुख्य यजमान विवेक गर्ग एवं सुखबीर सिंह कश्यप ने परिवार सहित व्यासपीठ का पूजन क्या और शिव महापुराण का पूजन कर व्यास जी महाराज को तिलक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर शिवा कश्यप ने दीप प्रज्वलित कर महाराज श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।                            

शिव महापुराण कथा में स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा की शिव और शक्ति का मिलन ही सृष्टि का संचालन एवं कल्याण है शिव के बिना जगत में किसी भी आधार पर चेतना संभव नहीं है शिव सत रज तम का ज्योतिर्मय पिंड है जिसके बिना श्रजन एवं प्रलय की कल्पना भी नहीं की जा सकती उन्होंने कहा की शिव निर्गुण एवं सगुण आधार में गुणात्मक सकता है जो सृष्टि के प्रत्येक जीव में वास करती है ।         

 जिसके प्रभाव से समस्त चराचर गतिमान है शिव सत्ता का विराम ही सृष्टि में प्रलय है और शिव की जागृति ही सृष्टि में जीवंत भाव से सृष्टि का गतिमान होना है उन्होंने कहा की शिव केवल शक्ति को धारण करते हैं इसी आधार पर जो जीव जब तप के माध्यम से समाधि में समाहित हो जाते हैं उन्हें शिव तत्व की प्राप्ति हो जाती है और इसी आधार पर उनको मोक्ष प्राप्त होकर परम आनंद की प्राप्ति होती है।           

महाराज श्री ने कहा जी शिव ही समस्त सृष्टि को धारण करते हैं शक्ति शिव का आत्म तत्व रूप है जो समस्त जड़ चेतन में व्याप्त है शिव ही जगत के कल्याण के मूल हैं और जो जीव शिव की शरणागति होकर अपना जीवन व्यापम करते हैं उनका सदस्यों अवश्य कल्याण करते हैं उन्होंने कहा कि जो जीव अपने आत्म तत्व का जागरण तब के माध्यम से कर लेते हैं उनकी जागृति के आधार पर शिव उनका वरण करने अवश्य आते हैं।           

श्रावण मास शिव भक्ति का पावन मास है जिसमें शिव तत्व को जागृत कर सभी पापों से मुक्त होकर जीव परमानंद को प्राप्त कर सकता है इस अवसर पर डॉक्टर संदीप सैनी रामकुमार कश्यप सीता राम कश्यप, सुभाष कश्यप, रमेश शर्मा, शिवम कंबोज, सागर गुप्ता शिवा कश्यप, कमला, पूनम, सविता, राखी, कोमल, बबीता, सुदेश, शैलेश, किरण आदि ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ उठाया।