पीएम को युवाओं की चिन्ता नहीं, विदेश की धरती पर स्थापित परम्पराओं का कर रहे उल्लंघन-प्रमोद तिवारी

अग्नि पथ भर्ती योजना को लेकर कार्यकर्ताओं के सत्याग्रह में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य ने मोदी सरकार पर किया तीखा हमला

लालगंज, प्रतापगढ़। अग्नि पथ भर्ती योजना के विरोध को लेकर सोमवार को क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना के निर्देश पर कांग्रेसियों ने शांतिपूर्ण ढंग से सत्याग्रह के जरिए आवाज उठायी। नगर के इन्दिरा गांधी चौक पर सत्याग्रह के जरिए अग्नि पथ भर्ती योजना के प्रस्ताव को वापस लिये जाने की मांग उठाई गई। सत्याग्रह कार्यक्रम में पहुंचे पार्टी के राज्यसभा सदस्य व सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सत्याग्रह की शुरूआत करायी।

 कार्यकर्ताओं के साथ लोगों को संबोधित करते हुए प्रमोद तिवारी ने कहा कि अग्नि पथ भर्ती योजना को लेकर अपने भविष्य के साथ होने वाले खिलवाड से चिन्तित देश का नौजवान लडाई लड़ रहा है। उन्होंने युवाओं से कहा कि जिस तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण ढंग से किसानों ने तीन काले कृषि कानून की लड़ाई लड़कर जीत हासिल की उसी तरह युवाओं को भी संयम और धैर्य के साथ अपनी आवाज बुलन्द करना होगा। 

वहीं सांसद प्रमोद तिवारी ने कार्यक्रम स्थल पर मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जर्मनी पहुंचते ही जिस तरह से विदेश की धरती पर एक बार फिर भारत देश की आलोचना की उससे सभी स्थापित परम्पराओं और कूटनैतिक मर्यादाओं का उल्लंघन हुआ है। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि जब देश का डेलीगेशन वैदेशिक यात्रा पर जाता है तो विपक्ष भी ऐसे डेलीगेशन का हिस्सा होता है। उन्होंने कहा कि विदेश की धरती पर विपक्ष भी अपने देश की सरकार की या तो प्रशंसा करता है या फिर चुप रहता है। 

यही स्थापित सिद्धांत प्रधानमंत्री के लिए भी हुआ करता है। जिसके तहत प्रधानमंत्री अथवा सरकार के किसी मंत्री को विदेश की धरती पर राष्ट्र के अंदरूनी मसलों पर आलोचना से बचने की स्थापित परम्परा के सम्मान की अपेक्षा हुआ करती है। श्री तिवारी ने कहा कि सरकारें आती जाती रहतीं है परन्तु देश वहीं रहता है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नेता प्रतिपक्ष के रूप में स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी को देश का नेता बनाकर वैदेशिक प्रतिनिधित्व के उदाहरण से सीख लेनी चाहिये। 

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वह भविष्य में आजादी के बाद की लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकारों के कार्यकाल पर या तो खामोशी रखें या फिर उनकी प्रशंसा करें। उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री को चुनीं हुई सरकारों के कार्यकाल पर आलोचना करने का विदेश की धरती पर कतई नैतिक अधिकार नही है। बतौर उदाहरण उन्होंने जर्मनी से पूर्व जापान की भी अपनी यात्रा में पीएम मोदी की पूर्ववर्ती सरकारों की आलोचना का जिक्र करते हुए विदेश के दौरों में अपने देश में भ्रष्टाचार के आरोपों को लगाये जाने से परहेज करना चाहिये। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष केडी मिश्र व संयोजन चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी तथा प्रमुख अमित प्रताप सिंह पंकज ने किया। संचालन मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने किया। चौक पर इकटठा हुए कार्यकर्ताओं व समर्थकों का क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना की ओर से उनके पुत्र राघव मिश्र ने आभार जताया। रामपुर संग्रामगढ़ ब्लाक इकाई के अध्यक्ष लालजी यादव ने कार्यकर्ताओं का स्वागत तथा प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी ने धन्यवाद जताया।  

सत्याग्रह के दौरान कांग्रेसियों को पार्टी नेताओं व युवाओं के हक में जमकर नारेबाजी भी करते देखा गया। इस मौके पर पूर्व प्रमुख ददन सिंह, जिपंस रघुनाथ सरोज, रिंकू सिंह परिहार, भुवनेश्वर शुक्ल, छोटे लाल सरोज, पप्पू तिवारी, सुधाकर पाण्डेय, सतेश सिंह, संजय सिंह, दिनेश सिंह, धीरेन्द्रमणि शुक्ल, मुरलीधर तिवारी, सुनील त्रिपाठी, आशीष तिवारी, रमाशंकर पाण्डेय, मुन्ना शुक्ल, रामू मिश्र, हृदय नारायण मिश्र, बृजेश द्विवेदी, त्रिभु तिवारी, विनय पाण्डेय, प्रीतेन्द्र ओझा, महमूद आलम, सिंटू मिश्र, श्रीनाथ तिवारी, महन्थ द्विवेदी, दुर्गेश पाण्डेय, जय सिंह, खुर्शीद शेख, सत्येन्द्र सिंह, धीरेन्द्र पाण्डेय, राजू पाण्डेय, अर्जुन जायसवाल आदि रहे।