कुछ काम करें

आओ जगत हितार्थ कुछ काम करें

अमूल्य जीवन मूल्यों को स्थापित कर

अपनी सनातन संस्कृति के उत्कर्ष हेतु

फिर एक नवीनतम स्थायी विधान करें

उतारकर लाएं क्षितिज से सितारें सभी

आंचल में भरकर अरुणिमा सुबह की

बिखेरे वसुन्धरा पर रजत सूर्य रश्मियां

तिमिर मिटाकर धरा अवलोकित  करें

नव उमंगों उल्लास से परिपूर्ण दिवस

आनंद की वर्षा करता रहे यह सतत

हम मानव कल्याण के उत्कर्ष निमित्त

वसुधैव कुटुंबकम् भाव का वितान भरें


स्वरचित एवं मौलिक

अलका शर्मा, शामली, उत्तर प्रदेश