नेपाल में हो रही बारिश से बागमती उफान पर, बिहार के कटरा की 14 पंचायतों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूटा

मुजफ्फरपुर : नेपाल में हो रही बारिश से बागमती उफनाने लगी है. नदी लाल निशान से सिर्फ 85 सेमी नीचे बह रही है. इससे औराई, कटरा व गायघाट के निचले इलाके में दहशत का माहौल है. वहीं कटरा प्रखंड क्षेत्र में प्रमुख नदी बागमती व लखनदेई का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. जलस्तर में वृद्धि से लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है. प्रखंड के उत्तरी हिस्से के 14 पंचायत बसघट्टा, चंगेल, कटाई, जगुआर पूर्वी, जगुआर पश्चिम, जगुआर मध्य, लखनपुर, नगवारा, पहसौल, बेलपकौना, बंधपुरा, तेहबारा, बर्री सहित अन्य का प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाले पीपा पुल के दोनों ओर बाढ़ का पानी फैल गया है। 

पीपा पुल के उत्तरी हिस्से में बकुची चौक तक व दक्षिण में बागमती परियोजना बांध तक सड़क पर लगभग दो फीट पानी फैल जाने के कारण 14 पंचायतों का सड़क संपर्क भंग हो गया है. जलस्तर में वृद्धि होने से बकुची, पतारी, नवादा, अनदामा, बर्री, बसंत, तेहबारा सहित अन्य गांव के निचले हिस्से में बाढ़ का पानी फैलने लगा है. बकुची निवासी हंशराज भगत सहित अन्य लोगों ने कहा कि जलस्तर में वृद्धि से सैकड़ों एकड़ में लगी सब्जी की खेती बर्बाद हो गयी है. सीओ पारसनाथ राय ने कहा कि बाढ़ से बचाव की पूरी तैयारी कर ली गयी है. प्रशासन सभी तरह से निपटने को तैयार है. मोतिहारी और सीतामढ़ी में गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण गुरुवार को भी मोतिहारी का शिवहर, सीतामढ़ी का संपर्क भंग रहा। 

 इधर जिले के पूर्वी भाग से होकर बहने वाली लालबकेया व बागमती नदी का पानी देवापुर टूटे तटबंध होकर बेलवा, जिहुली, खरहनिया, अलसेरपुर, पदुमकेर आदि गांव के निचले इलाकों में फैल रहा है. इस से परवल, केला आदि की फसल बर्बाद हो गयी है. वहीं सीतामढ़ी में भी बागमती बागमती का जलस्तर कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष की दोपहर तीन बजे की रिपोर्ट के अनुसार बारिश कम होने से डुब्बाघाट, चंदौली व कटौझा में जलस्तर में कमी आयी है। 

वाल्मीकिनगर. गंडक बराज वाल्मीकिनगर से गुरुवार को दो बजे तक दो लाख 64 सौ क्यूसेक पानी गंडक नदी में छोड़ा गया. दोपहर बाद नेपाल के तराई सहित पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश रुकने के कारण गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गयी है. इससे गंडक नदी के तराई इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है. कार्यपालक अभियंता सुबोध चौधरी ने बताया कि सभी कर्मियों को हाइ अलर्ट पर रखा गया है और जलस्तर पर पैनी निगाह रखी जा रही है।