कुछ नया करते हैं।

चलो आओ कुछ नया करते हैं,

गलतियों को ना देख किसी की

थोड़ी प्रशंसा करते हैं।

सब में होते गुण दोष यहांँ

चलो दोषों को छोड़ हम

गुणों की बात करते हैं‌

तारीफ कर किसी की

आज जीवन में उसके

फूलों सी मिठास भरते हैं।

चलो आओ कुछ नया करते हैं।

नकारात्मकता दूर कर

सकारात्मक सृजन करते हैं।

चलो किसी की सोई

ऊर्जा को जागृत करते हैं।

थोड़ा उसमें आत्मविश्वास भरते हैं।

तुम कर सकते हो तुम करोगे

यह सुंदर एहसास भरते हैं

चलो आओ कुछ नया करते हैं।

अष्ट गुणों से रचा है मानव,

बुद्धि ,कुलीनता ,संयम, ज्ञान

दान देना ,कम बोलना, बहादुरी

कृतज्ञता है उसका पहचान।

हर मानव को दिया है ईश्वर ने

अद्भुत इसमें से वरदान।

चलो आओ वहीं गुण ढूंढ कर

थोड़ी तारीफ करते हैं।

चलो आओ कुछ नया करते है

छोटे-छोटे अच्छे कामों की

खुलकर सराहना करते हैं।

छोटा सा है शब्द यह

प्रशंसा, तारीफ इसको

हम अपनाते हैं।

कभी यह औषधि कभी आत्मबल

आगे बढ़ने की प्रेरणा दे जाता है।

कभी अहम का कारण बनता

मन में अहंकार न ला

चलो आओ मार्ग प्रशस्त करते हैं।

चलो आओ थोड़ा

खुद को परिवर्तित करते हैं।

ना ढूंढे किसी के अवगुण

गुणों की हम बात करते है।

कल्पनाओं को अपनी साकार करते हैं।

चलो आओ कुछ नया आज करते हैं।

                   रचनाकार ✍️

                   मधु अरोरा