उपनिबंधक सहकारिता को शासन ने किया लखनऊ संबंद्ध

बांदा। सहकारिता विभाग के उप आयुक्त एवं उप निबंधक चित्रकूटधाम मंडल को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता को मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध किया गया है। इस आशय का पत्र विशेष सचिव अच्छेलाल सिंह यादव ने जारी किया है। 

विगत तीन वर्ष से मंडल मुख्यालय में तैनात रहे उपनिबंधक दीपक सिंह पर भ्रष्टाचार व अन्य विभागीय अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया कि इनके विरुद्ध कई जांच लंबित है। इसी का संज्ञान लेते हुए शासन स्तर से बीते दिवस उन्हें तत्काल प्रभाव से मुख्यालय लखनऊ संबद्ध कर दिया गया है। शासन की इस पहल से चित्रकूटधाम मंडल के सभी जनपदों के सहकारिता विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों, सचिवों सहित कई किसान संगठनों ने सरकार की इस कार्यवाही से प्रसन्नता जताई है। कहा कि लिखित शिकायतों व हो रही जांच का आखिरकार सरकार ने संज्ञान ले ही लिया।

 बताते चलें कि उप निबंधक दीपक सिंह की तैनाती के दौरान बीते वर्ष लगभग दो सौ किसानों का पीसीयू द्वारा चना की गई चना खरीद में दो करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है। इस मामले को लेकर किसानों ने जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों से कई बार शिकायत की। एसडीएम की जांच में आख्या में उपनिबंधक दीपक सिंह मुख्य आरोपी रहे। मामला अधर में लटका रहा और अब तक किसानों का भुगतान नहीं हो सका। इसी तरह वर्ष 2021-22 में गेहूं खरीद में परिवहन टेंडर प्रक्रिया को लेकर मंडलायुक्त द्वारा करायी गई जांच में दोषी पाए जाने पर आयुक्त द्वारा इनके विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया था। 

इन पर चित्रकूटधाम मंडल के जनपदों पर कई नियुक्तियां आयुक्त एवं निबंधन सहकारिता लखनऊ के दिशा निर्देशों के विपरीत की गई। इसी प्रकार आरोप है कि दीपक सिंह ने कई समितियों के परिसर में प्रति दुकान के हिसाब से चौथ वसूली कर दुकानों के निर्माण की अनुमति दी इसकी जांच की मांग किसान संगठन के पदाधिकारी कर चुके हैं। किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारी संतोष शुक्ला का कहना है कि इनके कारनामों का लेखा-जोखा आयुक्त सहकारिता के पास उपलब्ध है। इसकी जांच की मांग की गई है। इन पर खाद बिक्री व धान खरीद में भी वसूली के आरोप लग चुके हैं। इन्हीं सब शिकायतों का संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार ने उप निबंधक के विरुद्ध कार्यवाही की है।