‘जो अपना हाल है’ गजल संग्रह का विमोचन

सहारनपुर। आज जीपीओ रोड स्थित एक होटल के सभागार में प्रसिद्ध रंगकर्मी, शायर, सरदार अनवर की शायरी व गजल संग्रह ‘‘जो अपना हाल है’’ जिसका संकलन उनकी सुपुत्री शिबली अनवर तथा दामाद प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता इनामुलहक ने किया का विमोचन सांसद हाजी फजलुर्रहमान, प्रसिद्ध शायर नवाज देवबंदी, लेखक सुरेन्द्र सिंघल, कवि कमलेश भटट, पूर्व मंत्री संजय गर्ग द्वारा संयुक्त रूप से सरदार अनवर साहब के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्जवलित करते हुए किया गया। 

विमोचन उपरांत सांसद ने सरदार अनवर को याद करते हुए कहा कि वो सहारनपुर की एक अजीम शख्सियत थे और मजदूरों से लेकर मजलूमों तक उनकी सोच जाती थी। डा.नवाज देवबंदी ने उनके बारे में बताते उनका शेर सुनाते कहा कि तेरे ख्वाबों में खोना चाहता हूं, बहोत जगा हूं अब सोना चाहता हूं’’ अब उनके ख्वाबों में हम खो गये हैं। अभिनेता इनामुलहक ने कहा कि सरदार अनवर की अच्छाई ही उनकी सबसे बड़ी बुराई थी सिर्फ दूसरो के लिए ही सोचना खुद से बेफ्रिक रहना उनकी आदत थी। इस अवसर पर सुरेन्द्र सिंघल, संजय गर्ग ने भी अपने बयान प्रस्तुत किये।