सुबह उठने में आता है आलस तो सुस्ती दूर करेंगे ये योगासन

सुबह उठने में अक्सर लोगों को आलस आता है। अगर वह लोग उठ भी जाएं तो भी वह आधा दिन सुस्ताते रहते हैं। इस सुस्ती को दूर भगाने के लिए आप कुछ योगा कर सकते हैं। अपनी सुबह की शुरुआत योगाभ्यास से करने की कोशिश करें क्योंकि इससे आपका शरीर और दिमाग शांत रहेगा। योग आपको पूरे दिन एनर्जेटिक भी रखेगा और आपको जोड़ों के दर्द या मांसपेशियों में अकड़न की सामान्य समस्याओं से राहत मिलेगी। यहां तीन ऐसे योगासन के बारे में बताया गया है, जिसकी मदद से आप सुबह के आलस को दूर भगा सकते हैं। 

1) वीरभद्रासन- वीरभद्रासन आसन करने से आपके कंधों को मजबूत करने, संतुलन और स्थिरता में सुधार करने में मदद मिलती है। यह योगासन पूरे शरीर को एनर्जी देने के लिए जाना जाता है, जिससे आप पूरे दिन एक्टिव रहते हैं। 

कैसे करें- इसे करने के लिए अपने बाएं घुटने पर 90 डिग्री का कोण बनाते हुए आगे बढ़ें। इस बात का ध्यान रखें कि आपका घुटना पैर के अंगूठे को पार न करे। अब नमस्ते की स्थिति में आ जाएं, और अपनी बाहों को अपने सिर के ऊपर लेकर, ऊपर देखें। फिर अपनी पीठ को थोड़ा सा झुकाएं और फैलाएं। कुछ सेकंड के लिए रुकें और दूसरी तरफ दोहराएं।

2) त्रिकोणासन - त्रिकोणासन को खड़े होकर किया जाता है और इसे बाएं और दाएं दोनों तरफ से किया जाता है।  इस आसन को करने से कोर की मांसपेशियों को एक्टिव करने में मदद मिलती है, जो संतुलन और स्थिरता में मदद करती है। 

कैसे करें- इस आसन को करने के लिए खड़े हो जाएं और फिर अपने पैरों के बीच 3-4 फीट की दूरी रखते हुए। दाहिने पैर को बाहर की ओर मोड़ें और धड़ को सामने रखते हुए दोनों बाजुओं को कंधे के स्तर पर फैलाएं। दाहिना हाथ को कमर से झुकते हुए दाहिने पैर को छूए। ऐसा करते समय बायां हाथ सीधे कानों के ऊपर फैला होगा।

3) बालासन या चाइल्ड पोज - यह योगासन छाती, पीठ और कंधों में तनाव को दूर करने में मदद करता है। इसी के साथ अगर आपको दिन के दौरान या अपने कसरत के दौरान चक्कर आते हैं या थकान होती है तो भी ये आसन मदद करता है। यह पीठ दर्द को दूर करने में मदद करता है क्योंकि यह पीठ, कूल्हों, जांघों और टखनों के लिए अच्छा स्ट्रेच है और आपको पूरे दिन एनर्जेटिक बनाए रखता है। 

कैसे करें- इसे करने के लिए अपने घुटनों  के बल पर आराम से बैठ जाएं। अपने कुले को अपनी एड़ी पर टिकाएं और फिर आगे झुकें। सांस छोड़ते हुए अपने ऊपरी शरीर को आगे की ओर झुकाएं। फिर अपना माथा नीचे करें और  टिकाएं और अपनी गर्दन को आराम दें।