तुम्हारी सादगी

मैंने तुम्हारी सादगी से प्रेम किया,

क्योंकि यही वह पारस है जिसका

स्पर्श पाकर मैं स्वर्णिम हो गई .!!


मैंने तुम्हारी शिष्टता से प्रेम किया,

क्योंकि यही वह गुण है जिसका

स्पर्श पाकर मैं अभिभूत हो गई .!!


मैंने तुम्हारी सौम्यता से प्रेम किया,

क्योंकि यही वह भाव है जिसका

स्पर्श पाकर मैं अनुरक्त हो गई .!!


मैंने तुम्हारी उत्कृष्टता से प्रेम किया,

क्योंकि यही वह दीप्ति है जिसका

स्पर्श पाकर मैं प्रेममय हो गई ..!!


@अनीता सिंह 'अपराजिता'