झूठी यारी

मोहब्बत न सही 

नफरत ही किया करो,

खुशी न सही

गम ही दिया करो,

दिल से न सही 

दिमाग से ही

सोच लिया करो,

अपनापन न सही

परायपन ही 

दिखा दिया करो,

मुस्कान न सही 

गम के आंसू ही

दे दिया करो,

बातचीत न सही

 खामोशी का आलम ही 

मेरे नाम कर दिया करो,

राजीव डोगरा 

कांगड़ा हिमाचल प्रदेश

rajivdogra1@gmail.com