तीखा तीर

जब पैसा होता पास तुम्हारे 

आव भगत  करते  हैँ  सारे 

बिन पैसा के जब निकलोगे 

अपने भी कर लेंगे  किनारे 

रिस्ते नाते सब  कहने  को 

पैसे   से   बिकते अब  सारे 

पैसे से परीक्षा लेकर  देखो 

सच और झूँठ के वारे न्यारे 

       वीरेन्द्र तोमर