शादी ब्याह जैसे कार्यक्रमों में नहीं होगी सेहत खराब, ऐसे करे स्वास्थ्य की देखभाल

समय बदल रहा है, व्यक्ति के विचारों में खानपान में बदलाव नजर आ रहा है स्वयं के लिए ख्यालात पॉजिटिव हो रहे हैं विशेषकर महिलाएं भी इसमें शामिल हैं। व्यस्त जिंदगी में भागम भाग होते हुए भी कैसे फिट व फाइन रहना है। शरीर और स्वास्थ्य एक-दूसरे के पूरक रहते हुए हेल्दी रहें। इस ओर ध्यान दिया जाने लगा है। जरूरी टिप्स को मद्देनजर रखते हुए उन पर अमल करने की कोशिश होने लगी है परन्तु कई बार चाहकर भी आप त्योहार व शादी-ब्याह के सीजन में अपने खाने-पीने अथवा डाइट के प्रति सचेत नहीं रह पाते हैं। सर्वे में यह बात सामने आई है कि आजकल लोग अपनी डाइट के प्रति कॉन्शियस हो रहे हैं। सेहत की परवाह करने लगे हैं व उन्हें हेल्दी और अनहेल्दी फूड के बीच का फर्क समझ आने लगा है। अतः यही कोशिश रहती है कि ज्यादा से ज्यादा वही खाना खाया जाए जो कम वसा से बना कम कैलोरीयुक्त हो ताकि अतिरिक्त फैट व आवश्यक चर्बी से बचे रहें और शरीर में भी पर्याप्त एनर्जी तथा चुस्ती बनी रहे। कई बार अनावश्यक भोज्य पदार्थ ना खाने के बावजूद भी इधर-उधर आने-जाने अथवा मेहमान नवाजी और फेस्टिवल सीजन में सभी का दैनिक रूटीन डिस्टर्ब होने लगता है इसलिए शारीरिक व मानसिक तौर पर अनहेल्दी व अनफिट महसूस करने लगते हैं। अतः कुछ बातों पर गौर फरमाकर डाइट शेड्यूल बिना डिस्टर्ब किए खाने-पीने का भरपूर मजा स्वस्थ रहते हुए लिया जा सकता है।

हेल्दी फूड  

घर में जब कोई कार्यक्रम होता है तो ऐसे में ब्रेकफास्ट-लंच और डिनर तीनों समय ही यदि कैलोरीयुक्त तला-सिंका गरिष्ठमय खाना सर्व किया जा रहा हो तो स्वयं पर कंट्रोल रखें। एक ही समय घी-तेल से बने खाद्य-पदार्थों का मजा लेना है बाकी समय हेल्दी फूड (अनाज व अनाज से बने खाद्य-पदार्थ) और कुछ हल्का-फुल्का स्नैक्स या फल तथा सब्जियों का जूस ही लें। 

लाइट ब्रेकफास्ट 

दैनिक रूटीन से हटकर यदि खाना है तो ब्रेकफास्ट में तला हुआ या फिर अधिक वसायुक्त ना खाकर दलिया-कॉर्नफ्लैक्स तथा पोहा-उपमा जैसे हल्के खाद्य-पदार्थ अथवा कम तेल की साउथ इंडियन व इसी तरह की अन्य कोई डिशेज लें, फल व सूखे मेवे भी सुबह के समय लिए जा सकते हैं। इसी तरह लंच या डिनर में एक समय सुपाच्य खाना खाएं कम तेल-घी से तैयार की हुई सब्जी-दाल लें, दही और दही के प्रोडक्ट्स तथा कुछ बेकिंग खाद्य-पदार्थ खाए जा सकते हैं। सलाद और पेय पदार्थों का अधिक सेवन कर लें ताकि भूख भी महसूस ना हो और कैलोरी युक्त खाने से बच सकें। 

माइक्रोवेव में गर्म करे कम वसा वाला खाना

त्यौहारों का मौसम हो तो घर में कुछ ना कुछ मीठा बनाकर रखना ही होता है। भारतीय घरों में अधिकतर लड्डू व बर्फी बनाए जाते हैं जिनमें सूखे मेवों तथा घी का इस्तेमाल अधिक होता है। यदि चाहें तो मिठाई जी भर खाएं व खिलाएं, इनको सेहतमंद बनाने के लिए माइक्रोवेव का उपयोग किया जाना चाहिए क्योंकि गैस पर कढ़ाई में आटे-बेसन या रवा भूनने में पर्याप्त वसा का उपयोग होता है किन्तु माइक्रोवेव के बर्तन में कुछ मात्रा में घी का उपयोग कर 2-3 मिनट या कुछ समय भूनें जब तक मनचाही खुशबू व रंग ना आ जाए। इसी तरह काजू-बादाम या अन्य सूखे मेवे भी बारीक-बारीक काटकर नॉन-स्टिक बर्तन में 1-2 चम्मच घी का प्रयोग कर भून लें तापमान कम ही रखें ताकि जलने ना पाए फिर आपस में सबको मिक्स कर लें। इसी तरह मीठे खाद्य-पदार्थ बनाने हों तो कम वसा का प्रयोग कर माइक्रोवेव में बनाएं, मेहनत भी कम और स्वाद-पौष्टिकता बरकरार।  

तेल मसाले कम खाएं

घर में खाने-खिलाने के लिए जो भी नाश्ता अथवा नमकीन खाद्य-पदार्थ बनाएं उनमें तेल की तथा मसालों की मात्रा कम से कम हो। नमकीन या कुछ हल्के-फुल्के स्नैक्स बनाते हुए इस बात का ध्यान रखें कि जो भी खाद्य-सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। कम चिकनाई में तैयार हो सके, इसके लिए पोहा-मुरमुरे-भुनेचने कॉर्नफ्लैक्स, तिल, मखाने और गुड़ इत्यादि का उपयोग किया जा सकता है। जब मिश्रण या नमकीन तैयार हो जाए तो कुछ समय के लिए टिश्यूपेपर या अखबार पर रखकर छोड़ दें। ताकि अतिरिक्त वसा की मात्रा सोख ली जाए। 

घर पर बनाएं हेल्दी खाना 

सदियों से घरों में खाने-पिलाने की जो परंपरा चली आ रही है उसमें कुछ फेर-बदल करें, परंपरागत नाश्ते की बजाय कुछ अलग तरह के व्यंजन बनाकर मेहमानों को सर्व करेंगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा। मसलन वेजिटेबल इडली, खमण ढोकला या अंकुरित दालों को मिलाकर चटपटी चाट, भेलपुरी अथवा फ्रूट-चाट वगैरा-वगैरा। इस तरह का नाश्ता जहां वैरायटी देगा वहीं किसी का डाइट शेड्यूल भी डिस्टर्ब नहीं होगा। 

ज्यादा भूख से ऐसे बचें

घर में कार्यक्रम हो सबके साथ मिल जुलकर बैठे हों तो गपशप के साथ भूख लगना स्वाभाविक है, ऐसे में एक समय ऑयली-कैलोरीयुक्त खाद्य-पदार्थों के खाने में कोई बात नहीं किन्तु हर बार सेहत की दृष्टि से यह उचित नहीं है। कोशिश करें कि अधिक तेल व मसालेदार सब्जियां ना लेते हुए उबली हल्की भुनी सब्जियां खाएं,दाल भी बिना तड़के और बिना घी-मक्खन की चपाती या रोटी खाई जा सकती है। ग्रिल व ओवन में बेक किए हुए खानेको अधिक महत्व दें, साथ ही बिस्कुट (बिना क्रीम) अथवा कुकीज भी थोड़े-थोड़े अंतराल में खाकर अतिरिक्त भूख से बचा जा सकता है। 

ज्यादा चीज व पनीर वाला भोजन न खाएं

घर से बाहर शादी तथा अन्य कार्यक्रम में कुछ चाइनीज व इटैलियन फूड भी होते हैं जिनमें सब्जियों का अधिक प्रयोग होता है। ये सेहत के लिए अच्छे रहते हैं। बस, ध्यान रखा जाए इनमें तरह-तरह की सॉस-चटनी का कम से कम उपयोग हो। अधिकतर ऐसे स्टॉल पर खाएं जहां अनावश्यक चीज व पनीर का उपयोग ना किया गया हो, पेय पदार्थों व फलों को अपनी डाइट में ज्यादा शामिल करें। बस, थोड़ी सी समझ व सूझबूझ से हर त्योहार हर कार्यक्रम में खाने-पीनेका भरपूर मजा लिया जा सकता है और अपनी रोजाना की डाइट में ज्यादा बदलाव ना कर खाने को एन्जॉय करते हुए हेल्थ के प्रति सचेत व सजग रह सकते हैं।