योगी बाबा के आदेशों को धता बताकर गेस्ट हाउस संचालक करा रहे सड़क पर पार्किंग, यातायात पुलिसकर्मी कर रहे श्रद्धालुओं का शोषण

मथुरा। गोवर्धन में आने वाली तीर्थयात्रियों व स्थानीय लोगों की  सुविब्दार्थ तैनात की गई ट्रैफिक पुलिस लोगों के लिए सरदर्द बन गई है। स्थानीय लोगों के अलावा बाहर से आने वाले श्रद्धालु ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली को कोसते हुए नजर आते हैं। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार गोवर्धन के प्रवेश मार्गों के नाकों पर तैनात पुलिस के जवान बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं का जमकर शोषण कर रहे हैं।इससे पुलिस की छवि खराब हो रही है।नाकों पर तैनात पुलिसकर्मी बाहर की गाड़ियों को देखकर ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे उन्होंने कोई बहुत बड़ा जुर्म किया हो।गाड़ियों के फोटो खींच कर गाड़ी में सवार लोगों को डराया धमकाया जाता है। 

फिर उसके बाद भय दिखाकर शुरू हो जाता है लेन-देन का सिलसिला। यातायात पुलिसकर्मी इस समय जमकर मलाई मार रहे हैं। एकता तिराहे पर इस मामले को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। जिससे पुलिस की किरकिरी हुई है।विश्व सूत्रों का कहना कि पुलिस पैसा लेकर नो एंट्री में भी गाड़ियों को प्रवेश करा देती है।यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली से आए श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और ब्रज की छवि धूमिल हो रही है। स्थानीय लोगों को पहचान पत्र दिखाने के बाद भी बहाने बनाकर परेशान किया जाता है।ऐसा लगता है स्थानीय लोगों ने गोवर्धन में जन्म लेकर कोई गुनाह किया हो।

 यातायात पुलिस की अगर बात ना बने तो श्रद्धालुओं चालान कर दिया जाता है।यह लोग श्रद्धालुओं से बदतमीजी करने से भी नहीं चूकते हैं।सबसे ज्यादा बुरा हाल एकता तिराए का है। एकता तिराहे से गोवर्धन ब्लॉक तक लगभग आधा दर्जन से अधिक होटल गेस्ट हाउसों के बाहर सड़क पर खड़ी गाड़ियां ट्रैफिक पुलिस को क्यों नजर नहीं पड़ती हैं।जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों को सड़क पर किसी प्रकार का कोई अतिक्रमण ना होने के सख्त आदेश दे रखे हैं। 

यहां जमकर आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।गोवर्धन के विकास के लिए व श्रद्धालुओं की सुविधार्थ राष्ट्रीय हरित अधिकरण एनजीटी के तत्कालीन न्यायाधीश राठौर साहब ने परिक्रमा मार्ग में डीजल से चलने वाली संपूर्ण वाहनों पर प्रतिबंध लगाया व सुविधाओं के लिए चारों तरफ  रिंग रोड का निर्माण कराया। 

17 सूत्रीय मांगों को की गई याचिका के तहत 17 बिंदुओं पर कार्य करने के लिए सरकार को निर्देशित किया जब तक राठौर साहब रहे तब तक तो पुलिस प्रशासन उनके आदेशों का अनपालन कराता कराता रहा लेकिन जब से राठौर साहब सेवानिवृत्त हुए हैं जबसे प्रशासन ने पल्ला झाड़ लिया है स्थानीय लोगों की गाड़ी को घुसने में सौ तरह के पापड़ बेलने पड़ते हैं लेकिन बाहर की गाड़ी ब्लॉक से लेकर परिक्रमा मार्ग दानघाटी मंदिर तक खड़ी मिलती हैं और हद तो तब हो जाती है जब थाने के सामने ही पार्किंग करते हैं लोग। परिक्रमा मार्ग में भी प्रतिबंध के बावजूद गाड़ियों का प्रवेश जारी है।