विटामिन डी की कमी हो जाए तो घर पर ही ये आहार खाने शुरू करें

जैसे हमारे शरीर को प्रोटीन, कैल्शियम और बाकी विटामिन्स की आवश्यकता होती है वैसे ही विटामिन डी की भी शरीर को उतनी ही जरूरत रहती है हालांकि इसे लेकर लोग इतनी अहमियत नहीं दिखाते लेकिन विटामिन डी आपकी हड्डियों को मजबूत रखने और बीमारियों व तरह-तरह के इंफेक्शन लड़ने के लिए बहुत जरूरी है। कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी के सैल्स को रोकने में भी विटामिन डी मददगार है। 

खासकर इसकी कमी महिलाओं और बच्चों में पाई जाती है और आज इसी की कमी के चलते ज्यादातर लोग बीमार हो रहे हैं। शरीर में विटामिन डी की कमी होगी तो कैल्शियम भी नहीं टिकेगा क्योंकि विटामिन डी इसे अवशोषित करने का काम करता है और जब विटामिन डी की कमी होती है तो कैल्शियम शरीर में स्टोर नहीं हो पाता। 

इसकी कमी से ब्लड प्रैशर हाई हो जाता है, थकान महसूस होती है, जोड़ों व हड्डियों में दर्द रहता है, शरीर पर झुर्रियां पड़ने लगती है, मांसपेशियों में कमजोरी, डिप्रैशन-तनाव, डायबिटीज, कैंसर का खतरा, इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है, व्यक्ति के शरीर में बहुत जल्दी थकान होने लगती हैं वह जल्दी बीमार पड़ने लगते हैं। हड्डियों और दांतों में दर्द रहता है।

विटामिन भी दो तरह का होता है एक विटामिन डी 2 (एग्रो कैल्सी फेरोल) और दूसरा विटामिन डी3 (कोलेकैल्सिफेरॉल)

विटामिन डी 2 मनुष्य के शरीर में नहीं होता इसे पौधों से प्राप्त किया जाता है। जिसका निर्माण पौधे सूरज की पराबैंगनी किरणों की उपस्थिति में करते हैं और विटामिन डी 3 का निर्माण मनुष्य के शरीर में सूरज की किरणों से प्रतिक्रिया होने से होता है हालांकि इस विटामिन को हम मछली का सेवन करके भी प्राप्त कर सकते हैं।

किन लोगों में होती है विटामिन डी की कमी?

इसकी कमी आमतौर पर पोषण की कमी से होती है जो हर तीसरे इंसान में देखी जा सकती है जो बिलकुल धूप नहीं सेंकते और कमरों में बंद रहते हैं। उन्हें शुद्ध वातावरण नहीं मिल पाता है या जो लोग डेयरी उत्पादों जैसे दूध, दही, मक्खन, घी इत्यादि का सेवन बहुत ही कम मात्रा में करते हैं या नहीं करते हैं। इसी के साथ साथ गर्भवती महिलाएं बाहर का फास्ट फूड खाने वाले व शाकाहारी लोग जो अपने आहार में पोषण से भरपूर चीजों को शामिल नहीं करते हैं उनके शरीर में भी विटामिन डी की कमी पाई जाती है।                                        

विटामिन डी कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

सूर्य के संपर्क में आने पर हमारे शरीर को यह विटामिन मिलता है इसलिए ताजी धूप जरूर सेंके। अगर शरीर में बहुत ज्यादा इस विटामिन की कमी है तो सप्लीमेंट्स लें लेकिन बिना डाक्टरी सलाह के कोई भी सप्लीमेंट्स खुद से ना लें। कुछ आहारों के जरिए भी आप इस विटामिन की कमी दूर कर सकते हैं- जैसे अंडा, संतरा, दूध, मशरूम, दही, अनाज, मीट और मछली। 

अंडा की जर्दी में विटामिन डी भरपूर मात्रा में पाया जाता है और दूध में कैल्शियम और विटामिन डी भरपूर मात्रा में पाया जाते हैं। मशरूम और दही में भी आपको कैल्शियम और विटामिन डी होता है। अगर आप नॉनवेज खाते हैं तो मछली खाएं। वैसे संतरे में विटामिन सी भरपूर होता है लेकिन विटामिन डी भी इससे प्राप्त होता है।

ओट्स में विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा अपने वजन को कंट्रोल में रखे। कई बार विटामिन डी की अधिक मात्रा अधिक भी हो जाती है जिससे नुकसान पहुंचता है इसलिए खुद से किसी दवा का सेवन ना करें।