कानपुर हिंसाः मुख्य आरोपी के मोबाइल से खुले राज, 141 व्हाट्सएप ग्रुप...6 मोबाइल से भेजे गए 16 हजार मैसेज

कानपुर : यूपी के कानपुर में 3 जून को हुई हिंसा के बाद से माहौल काफी तनावपूर्ण है। इस मामले में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में कानपुर में हुई हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी के मोबाइल से बड़े राज खुले हैं। उसके मोबाइल में कुल 141 व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं। तकरीबन सभी ग्रुपों में बाजार बंदी और बवाल की बातचीत मिली है। हिंसा के दिन का हर पल का अपडेट ग्रुपों में दिया जा रहा था। कोई वीडियो डाल रहा था तो कई फोटो और मैसेज भी डाला जा रहा था।

बता दें कि पुलिस ने हयात और अन्य आरोपियों के मोबाइल कब्जे में लिए थे। मुस्लिम संगठनों के व्हाट्सएप ग्रुप हयात के मोबाइल में मिले हैं। बवाल के दिन सुबह से ही लगभग हर ग्रुप पर सभी की सक्रियता थी। सबसे अधिक बातचीत और अपडेट एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन कानपुर टीम नाम के ग्रुप में किया जा रहा था। ग्रुप पर आपस में बाजार बंद को लेकर बातचीत की गई थी। तमाम खबरों की कटिंग डाली गई थी। पुलिस ने इसको साक्ष्य के तौर पर जांच में शामिल किया है।

मामले में हिंसा के पीएफआई कनेक्शन पर एटीएस की जांच अब भी जारी है। जफर हयात हाशमी के घर के आसपास के लोगों से भी पूछताछ चल रही है। एटीएस के हाथ कई अहम सुराग भी लगे है। इस हिंसा में जाजमऊ, बाबूपुरवा, गडरियन पूर्व समेत कई दूसरे इलाकों से भी बवाली आए थे। बवाल की शुरुआत यतीमखाना इलाके की मुख्य सड़क और बाजार से हुई। धर्म के नाम पर सामने आए दो गुटों के बीच पहले बहस हुई। इसके बाद टकराव हुआ और फिर पथराव होने लगे। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची तब तक सड़क पर हर तरफ पत्थर बिखरे पड़े थे, बाजार बंद हो चुके थे, कई गाड़ियां तोड़फोड़ी जा चुकी थीं। 

पुलिस ने दंगाइयों को खदेड़ना शुरू किया तो ये लोग अंदर की बस्ती और तंग गलियों में जा घुसे और वहीं से पुलिस को ही निशाना बनाना शुरू कर दिया, जिसमें कई पुलिसवाले जख्मी हो गए। पथराव काफी देर तक जारी रहा। आसपास के थानों से भी पुलिस बुलानी पड़ी। इस दौरान दंगाइयों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस आंसू गैस छोड़ने पड़े। देर रात हालात पर पुलिस ने काबू पा लिया। इसके बाद कमिश्नर डीएम और पुलिस कमिश्नर ने पूरी फोर्स, पीएसी और आरएएफ के साथ हिंसा प्रभावित इलाको में फ्लैग मार्च किया।