फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के अंतर्गत सभी खाएं दवा: सीएमओ

सीफार के सहयोग से मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का हुआ आयोजन

12 से 27 मई तक चलेगा अभियान

बहराइच । जीवन को बोझिल कर देने के लिए बोझ का रूप लेने वाली फाइलेरिया जैसी बीमारी के उन्मूलन में मीडिया की अहम भूमिका है। इसके लिए जरूरी है कि संचार माध्यमों के जरिये जन-जन तक फाइलेरिया उन्मूलन का संदेश पहुंचाया जाए। 

उक्त बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश कुमार सिंह ने सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के सहयोग से आयोजित फाइलेरिया उन्मूलन और आयुष्मान भारत योजना के संबंध में मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला में कहीं। यह कार्यशाला फाइलेरिया उन्मूलन और आयुष्मान भारत योजना के संबंध में आयोजित की गई थी।

सीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी मच्छर के काटने से होता है। इसको सामान्यतः हाथीपांव के नाम से भी जाना जाता है। इसमें पैरों और हाथों में सूजन के अलावा अंडकोष में सूजन जैसी दिक्कत होती है। व्यक्ति में संक्रमण के पश्चात बीमारी होने में पांच से पंद्रह साल का समय लग जाता है। 

सीएमओ ने सभी से अपील की, फाइलेरिया से बचने की दवा जरूर खाएं। इसके लिए 12 मई से 27 मई तक मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान संचालित होगा। अभियान के दौरान अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने फाइलेरिया रोधी दवा खिलाएंगे।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगिता जैन ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन की दवाएं दवा निःशुल्क जनसमुदाय को खिलाई जाएगी। इसका सेवन दो साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और गंभीर रोग से पीड़ित लोगों को छोड़ कर सभी को करना है। दवा खाली पेट नहीं खानी है। 

साथ ही इस दवा को और इसे स्वास्थ्यकर्मी के सामने खाना आवश्यक है। दवा खाने से जब शरीर में परजीवी मरते हैं तो कई बार सिरदर्द, बुखार, उलटी, बदन में चकत्ते और खुजली जैसी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं। इनसे घबराना नहीं है और आमतौर पर यह स्वतः ठीक हो जाते हैं। अगर किसी को ज्यादा दिक्कत होती है तो आशा कार्यकर्ता के माध्यम से ब्लॉक रिस्पांस टीम को सूचित कर सकते है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत कुमार ने बताया कि जिले में हाथीपांव के 267 और हाइड्रोसील के 191 मरीज हैं। कैंप के जरिए हाइड्रोसील मरीजों का ऑपरेशन किया जाता है। जिले में 34.46 लाख से अधिक की जनसंख्या को अभियान के दौरान दवा खिलाई जाएगी। 

इसके लिए 3244 टीम बनाई गई हैं जिनके कार्यों का पर्यवेक्षण 541 सुपरवाइजर करेंगे। पाथ संस्था के डॉ. उदित मोहन ने बताया कि फाइलेरिया की दवा सप्ताह में चार दिन सोमवार, मंगलवार, और शुक्रवार पूर्वान्ह 11ः00 बजे से अपरान्ह 03ः00 बजे तक खिलायी जाएगी।

स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आजकल अभियान चल रहा है। यह अभियान 18 मई 2022 तक चलेगा। उन्होंने अपील की है कि पात्र लोग अपना आयुष्मान कार्ड यथाशीघ्र बनवा लें। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना में लगभग 1.15 लाख से अधिक व मुख्यमंत्री जनआरोग्य अभियान में लगभग 45 हजार से अधिक परिवारों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। 

गोल्डन कार्ड बनाने में जनपद का प्रदेश में 27 वाँ स्थान हैं वहीं वही जनपद में अभी तक लगभग 28 हजार से अधिक मरीजों का योजना के अंतर्गत निशुल्क उपचार किया जा चुका है। उपचार करने में जनपद का प्रदेश में 25 वाँ स्थान है। इस अवसर पर एसीएमओ डा. अनिल कुमार सहित मीडिया प्रतिनिधि व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।