आशा बहू को बढ़ा हुआ मानदेय कब मिलेगा, आशा बहुओं में हो रही निराशा

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में अवगत कराया है कि उन्होंने आशा बहुओं को बढ़ा हुआ मानदेय न मिलने की स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। जे एन तिवारी का कहना है कि आशा बहुओं के सम्मेलन में 4 जनवरी 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आशा बहुओं के मानदेय में 750 प्रति माह की बढ़ोतरी करते हुए 3500 रुपए फिक्स मानदेय देने तथा अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक 1000 प्रतिमाह की दर से कोविड भत्ता भुगतान करने की घोषणा किया था। मुख्यमंत्री की घोषणा से आशा बहुओं में खुशी की लहर दौड़ गई थी।

  आशा हेल्थ वर्कर एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष कुसुम लता यादव ने आशा बहुओं के लिए की गई मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत करते हुए उनका आभार भी व्यक्त किया था। लेकिन 5 माह व्यतीत हो जाने के बाद भी आशा बहुओं को न तो बढ़ा हुआ मानदेय मिल रहा है और नहीं कोविड भत्ते का भुगतान ही हुआ है। अब आशा बहुएं काफी निराश है तथा मुख्यमंत्री की घोषणा पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा हो रहा है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने आज मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर घोषणा के अनुरूप बढ़े हुए मानदेय एवं कोविड भत्ते का भुगतान किए जाने की मांग किया है। 

उन्होंने कहा है कि यदि शीघ्र ही आशा बहुओं को बढ़ा हुआ मानदेय एवं कोविड भत्ते का भुगतान नहीं हुआ तो इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। आशा बहुएं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती के साथ आगे बढ़ा रही हैं। ग्रामीण इलाकों में बच्चों का टीकाकरण, फाइलेरिया, टीवी की दवाओं का वितरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, उनका टीकाकरण सहित विविध कार्य आशा बहुओं से लिया जा रहा है। 

उनके कार्य को देखते हुए 3500 का मानदेय भी अत्यंत ही कम है। जे एन तिवारी ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री से अपील किया है कि ईमानदारी व मेहनत से काम कर रही आशा बहुओं के कार्यों का मूल्यांकन करते हुए इनको उचित पारिश्रमिक दिया जाए। इनका मानदेय कम से कम 15000 करने की मांग की गई है।