रानी और रोटी

आज रसोई घर में देखो

रानी बिटिया खेल रही है

मम्मी से जिद करके बैठी 

चंदा जैसा गोल मटोल है

सुन्दर प्यारी गोल गोल सी

रोटी उसको भी है बनानी 

बेलन को लेकर भागी है

मम्मी पीछे पीछे आयी हैं

रानी की जिद पूरी करनी

टेढ़ी मेढी़ जो रोटी बनी है

कटोरी रखकर गोल बनाया

उस रोटी जब मम्मी सेंका 

रानी उछल पड़ी खुशी से

मिलकर सबने खाना खाया

खेल खेल में रानी बिटिया ने

रोटी गोल बनाना सीखा है


   स्वरचित एवं मौलिक रचना

     अनुराधा प्रियदर्शिनी

     प्रयागराज उत्तर प्रदेश