पिता के विरोध के बाद भी नहीं बदला रोहित का एक्टर बनने का सपना

-अनिल बेदाग़-

हर मां बाप का सपना होता है कि उनका बेटा वह बने जो वो चाहते हैं। लेकिन ऐसा होता बहुत कम है। बच्चों की अपनी दुनिया होती है ,उनके अपने सपने होते हैं और अपने सपनों के उड़ान को भरने के लिए कुछ भी करते हैं। रोहित राजावत  के पिता चतुर सिंह चाहते थे कि उनका बेटा इंजीनियर बने। उन्होंने कानपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में उनका एडमिशन भी करवा दिया। लेकिन रोहित को बनना था एक्टर तो कानपुर के ही एक एक्टिंग इंस्टिट्यूट में दाखिला ले लिया।

      रोहित राजावत को तो एक्टर बनने का धुन सवार था। जब वह मुंबई के लिए घर से निकले तो पिता ने बड़े ही अनमने ढंग से उनको विदा किया। उनको यही लग रहा था कि अब तो बेटा उनके हाथ से गया। मुंबई आने के बाद रोहित को बतौर हीरो 'प्यार में ऐसा होता है ' में जब काम करने का मौका मिला ,तो उनको लगा कि अब तो स्टार बन गए। लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई और नहीं चली तो रोहित के सपने बिखर गए। 

      कुछ दिन एक्टिंग से ब्रेक लेने के बाद उन्होंने अपने आप को तैयार किया। फिर उन्होंने कोशिश की और उन्हें सोनी टीवी के धारावाहिक 'कुछ रंग प्यार के ऐसे भी ' ,एंड टीवी के शो 'वाणी रानी ' ,कलर्स के दो शो 'थपकी प्यार की ' और 'वीरा ' में काम करने का मौका मिला। इन सभी धारावाहिकों में उनके काम की तारीफ हुई और उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ गया। अब रोहित राजावत एक्टर के साथ साथ प्रोड्यूसर भी बन गए है। ओटीटी प्लेटफार्म जेमप्लेक्स का उनकी वेब सीरीज ' निशाचर ' रिलीज हुई है। यह एक मर्डर मिस्ट्री ड्रामा है,जिसमे लखनऊ के आस पास की कहानी दिखाई गई है। यह खौफनाक मर्डर मिस्ट्री ड्रामा है। इस शो के निर्माता भी खुद रोहित राजावत हैं। वह कहते है, '' निर्माता बनने के बारे में मैंने नहीं सोचा था लेकिन इसका शो का कंटेंट इतना अच्छा लगा कि इसे किसी और के हाथ में देना नहीं चाह रहा था।"