ईद

मुबारक़ हो इबादत की ईद सबको ,

चैन-ओ-अमन  की मिले दीद सबको।


इंसानियत का हर जगह बसेरा हो,

ख़ुदा की बंदगी हो नसीब सबको।


रहमत ही रहमत बरसे चारों ओर,

प्यार,भाईचारा लाये क़रीब सबको।


ढह जाए जाति और धर्म की दीवार ,

बना दे वसुधैव कुटुम्बकम के मुरीद सबको।


                       रीमा सिन्हा

                  लखनऊ-उत्तर प्रदेश