सिद्ध बाबा मेला में लगने वाली दुकानों पर वन विभाग ने लगाई रोक श्रद्धालुओं में भारी रोष

बैठक में वन विभाग और महंत के बीच नहीं बन सकी सहमति

पीलीभीत। टाइगर की माला रेंज की माला नदी के तट पर लगने वाले प्राचीन सिद्ध बाबा देव स्थल पर लगने वाले विशाल प्राचीन मेला पर टाइगर रिजर्व के नियम भारी साबित हो रहे हैं। वैशाख माह की अमावस्या से आषाढ़ की पूर्णमासी तक लगने वाला सिद्ध बाबा मेला शुरू हो गया। दूरदराज से सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन पूजा के लिए पहुंच रहे हैं वहीं श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होने पर भंडारा कराते हैं। भक्तगण मुंडन संस्कार भी कराते हैं। महंत के अनुसार प्रत्येक वर्ष हजारों भंडारों का आयोजन होता है वही भजन कीर्तन कथा अखंड रामायण भी श्रद्धालु कराते हैं सैकड़ों बरसों से मेला लग रहा है टाइगर रिजर्व के बन जाने के बाद वन विभाग मेला में लगने वाली दुकानों पर शक्ति व्रत रहा है प्रभागीय वन अधिकारी नवीन खंडेलवाल ने सिद्ध बाबा देव स्थल के पुजारी सेवादास महाराज के साथ बैठक कर सुव्यवस्थित ढंग से भंडारे कराने पर बात की। 

खंडेलवाल ने मंदिर के महंत से कहा की वन विभाग आस्था पर ठेस नहीं पहुंचा रहा पहुंचाना चाहता जिस प्रकार मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालुगण भंडारा करते आ रहे हैं उसी प्रकार करते रहे लेकिन मेला में दुकानों पर प्रतिबंध रहेगा। प्रत्येक दिवस होने वाले भंडारों की संख्या निर्धारित करनी होगी जिसका श्रद्धालु गणों को समय और तारीख मंदिर के पुजारी से लेनी होगी। सुबह उजाला होने के बाद ही भंडारा की आवक शुरू की जा सकती है और शाम उजाला रहने तक भंडारों का आयोजन किया जा सकता है। मेला में प्रसाद की दुकानों पर रोक नहीं लगाई जाएगी। वही सिद्ध बाबा देव स्थल के महंत सेवादास महाराज और डीएफओ के बीच मेला लगने पर सहमति नहीं बन पाई।

सिद्ध बाबा देव स्थल पर प्रसाद की दुकानों पर रोक नहीं लगाई गई भंडारों का आयोजन भी होता रहेगा मेला का व्यवसायीकरण नहीं होने दिया जाएगा दुकानें लगने से जंगल के अंदर गंदगी होती है। मेला में आने वाले भारी वाहनों को भी मुख्य मार्ग पर ही रोका जाएगा।

नवीन खंडेलवाल 

प्रभागीय वनाधिकारी 

टाइगर रिजर्व पीलीभीत

मेला में लगने वाली दुकानों पर रोक नहीं लगनी चाहिए। जंगल में पॉलीथिन थर्माकोल आदि पर निगरानी रखेंगे। भंडारा करने वाले श्रद्धालुओं पर लकड़ियों पर खाना बनाने पर भी रोक लगाई गई। प्राचीन काल से लगने वाले मेला पर रोक आस्था पर ठेस है।

सेवा दास महाराज

पुजारी

सिद्ध बाबा मंदिर 

माला जंगल पीलीभीत