रमजान के महीने में रोजा रखने के हैं बहुत फायदे, ऐसे होती है सेहत बेहतर

रमजान इस्लामी कैलेंडर में वह महीना है जब कुरान पैगंबर मुहम्मद पर नाजिल हुआ था। महीने के दौरान, मुसलमान सुबह से शाम तक सभी संवेदी सुखों (जैसे भोजन और पेय, सेक्स, टीवी और संगीत) से दूर रहते हैं। यह समय दुआ करने, कुरान पढ़ने, अल्लाह की रहमतों पर शुक्र और सब्र करने में लगाया जाता है। अलग-अलग देशों में दिन के उजाले के समय के आधार पर, रोजे की अवधि दिन में 13 से 18 घंटे तक भिन्न होती है।

मुसलमानों का मानना है कि रोजा अल्लाह के प्रति उनकी फरमाबरदारी, मजलूमों के लिए हमदर्दी और पिछले गुनाहों की तलाफी का जरिया है। पंजीकृत आहार विशेषज्ञ, डॉ नजीया सैयद ने फैजाह लाहेर, जो खुद भी एक पंजीकृत आहार विशेषज्ञ हैं, से बात की और दक्षिण अफ्रीका में डायटेटिक्स एसोसिएशन के प्रवक्ता के रूप में रोजे के दौरान सेहतमंद आहार और व्यवहार के बारे में बताया।

रोजा आपके शरीर में क्या करता है?

रोजे के दौरान, भोजन करने और तरल पदार्थ का सेवन करने का समय तथा सोने और जागने का समय बदल जाता है।

यह शरीर में शारीरिक, जैव रासायनिक और चयापचय परिवर्तन का कारण बनता है।

 इन परिवर्तनों की अनुकूलता महीने के दौरान खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों के प्रकार और मात्रा पर निर्भर करती है।

रमजान के महीने के शुरूआती दिनों में रोजेदारों को सिरदर्द, चक्कर आना और मतली का अनुभव हो सकता है क्योंकि वे कम सोते हैं और कैफीन का सेवन भी कम कर रहे हैं।

दूसरे सप्ताह में शरीर परिवर्तनों का अभ्यस्त हो जाता है और पाचन तंत्र बदलाव के अनुसार काम करने में सक्षम हो जाता है।

इस दौरान पेट का आकार बदल जाता है और प्रत्येक भोजन में एक व्यक्ति द्वारा खाए जाने वाले भोजन की मात्रा भी कम हो जाती है।

रमजान के दौरान किसी भी अन्य समय की तरह व्यक्ति को संतुलित आहार लेना चाहिए।

हलके प्रोटीन, साबुत अनाज स्टार्च, सब्जियां, फल और हृदय के लिए स्वस्थ वसायुक्त एक संतुलित भोजन लेने से व्यक्तियों को शरीर के वजन, शरीर में वसा, रक्तचाप और चिंता के स्तर में कमी का अनुभव नहीं होगा।

प्रदाह और रक्त लिपिड स्तर में कमी हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छी है। एक संतुलित आहार अपच, निर्जलीकरण और कब्ज जैसे जोखिम कारकों को कम करने का एक स्वस्थ, गैर-औषधीय तरीका है।

यह विचार करना क्यों महत्वपूर्ण है कि आप किन खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों से अपना रोजा शुरू करते हैं और खोलते हैं?

रमजान की आधारशिला दिमागी सुकून, अनुशासन और नियंत्रण का अभ्यास करना है।

यह बेहतर पोषण आदतों को रीसेट करने और सीखने का एक अच्छा समय है।

दिन में खाने-पीने का समय बहुत कम होता है।

बेचौनी को कम करने के लिए यह जरूरी है कि धीरे-धीरे खाएं, और भूख और तृप्ति के संकेतों को समझें।

भोजन में एक साथ बहुत कुछ खाने से बेहतर होगा कि इसे दो छोटे शाम के भोजन में विभाजित किया जा सकता है।

अधिक वसा और चीनी वाले भोजन से उच्च रक्तचाप, अपच, मतली और कब्ज जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं या मौजूदा समस्याएं बढ़ सकती हैं।

डीप फैट फ्राई और तैलीय भोजन के बजाय खाना पकाने के स्वास्थ्यवर्धक तरीकों जैसे कि ग्रिलिंग, बेकिंग, एयर फ्राई या स्टू पर ध्यान दें।

 तैलीय भोजन से अपच, सुस्ती, थकान और वजन बढ़ने की समस्या होती है।

तरल पदार्थों के पर्याप्त सेवन से सिरदर्द, मूत्र पथ के संक्रमण और चक्कर आने से बचाव होगा।

कम चीनी वाले तरल पदार्थों पर ध्यान दें, झाग वाले पेय और कैफीन से बचें, और पानी या फलों के रस के छोटे हिस्से का विकल्प चुनें।

सेहतमंद भोजन महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक मजबूत, स्वस्थ शरीर एक व्यक्ति को प्रार्थना के लिए अधिक समय तक खड़े रहने में मदद कर सकता है, बेहतर शक्ति के साथ रोजा रख सकता है और ऊर्जा की कमी कम महसूस करेगा।

हर दिन रोजा शुरू करने और समाप्त करने के लिए सबसे अच्छे खाद्य पदार्थ और पेय कौन से हैं?

सुहूर भोजन (भोर में उपवास शुरू होने से पहले) ऐसा होना चाहिए जो एक व्यक्ति को शक्ति, ऊर्जा और दिनभर के लिए ठहराव दे। भोजन पौष्टिक और सब्र देने वाला होना चाहिए। यह भोजन दिनभर के लिए ईंधन का प्राथमिक स्रोत है। भरपेट, पौष्टिक भोजन दिन के दौरान लालसा को रोकने में मदद करेगा। मीठे अनाज के बजाय, फाइबर और उच्च प्रोटीन वाला भोजन खाना सबसे अच्छा है। कुछ उदाहरणों में शामिल हैंरू

- फल, दूध और दही, जई, बीज और शहद के साथ ओट्स स्मूदी।

- मशरूम और तले हुए अंडे के साथ साबुत व्हीट टोस्ट।

-ग्रेनोला, दही, शहद और फलय अतिरिक्त प्रोटीन के लिए एक उबला अंडा लें।

- सेब, दालचीनी, दूध और शहद के साथ पके हुए ओट्स।

-तालबीना (जौ) मेवा, दूध और फल।

- एक गिलास दूध के साथ टोस्ट पर टूना।

दिन के अंत में इफ्तार भोजन को कई घंटों के उपवास के बाद शरीर को संतुलन देने और फिर से शक्ति से भरने में मदद करने की आवश्यकता होती है। ध्यान से और धीरे-धीरे खाना महत्वपूर्ण है। रोजा खोलने के लिए खजूर एक आदर्श भोजन है क्योंकि वे आसानी से पच जाते हैं, घुलनशील फाइबर होते हैं और भोजन की बजाय इफ्तार के समय रोजा खोलने का बेहतर विकल्प हैं। इफ्तार में झाग और शक्कर वाले पेय से बचें। ज्यादा नमकीन और मीठे खाद्य पदार्थ अपच, थकान और प्यास का कारण बन सकते हैं। भोजन में विभिन्न खाद्य समूह शामिल होने चाहिएं।

- प्रोटीनः हलका मांस, दही, दूध, बीन्स, दाल, मछली।

-कार्बोहाइड्रेटः साबुत गेहूं या अपरिष्कृत विकल्प बेहतर हैं

- ब्राउन राइस, गेहूं की रोटी, स्टार्च वाली सब्जियां जैसे आलू, शकरकंद, बटरनट या कद्दू, साबुत गेहूं का पास्ता या कुटे हुए गेहूं और जई को सूप में मिलाकर।

- वसाः एवोकैडो या जैतून के तेल वाली ड्रेसिंग

- सब्जियांः अलग अलग तरह की सब्जियों का मिश्रण, पकी हुई या कच्ची।

- फलः साबुत, बिना छिले और बगैर चीनी मिलाए सबसे अच्छा विकल्प है।