सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु ऐप किया गया विकसित

फतेहपुर। शासन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है, उन्हें विकसित किए गए ऐप पर घटना से लेकर उपचार तक की लाइव रिपोर्टिंग करनी होगी। गत दिवस इसका प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। सड़क दुर्घटना डेटाबेस ट्रेनिंग में एसीएमओ डॉ0 सुरेश कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओ में कई लोगों की जान भी चली जाती है, इसकी प्रमुख वजह सड़क दुर्घटना में घायलों की समय पर उपचार की सुविधा उपलब्ध न हो पाना है। जब तक घायल को अस्पताल पहुंचाया जाता है तब तक काफी देर हो जाती है और इस दौरान काफी रक्त बह जाने से घायल की जान भी नहीं बच पाती है। 

शासन का प्रयास है कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाई जाए। इसके मद्देनजर एक एप विकसित किया गया है। इस पर संबंधित विभाग ब्योरा अपलोड करेंगे।  शासन का प्रयास है कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में कमी लाई जाए। वर्तमान में डेमो एप पर संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा रिहर्सल की कार्यवाही की जा रही है। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को दुर्घटना में घायल हुए व्यक्तियों की लाइव रिपोर्टिंग करने का तरीका बताया गया। 

शान्ति नाथ मौर्य डीआरएम आई रेड एनआईसी ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का उद्देश्य है कि गोल्डन आवर में घायल को उपचार की सुविधा मुहैया कराई जाए इसे ध्यान में रखकर पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग व एन एच ए आई को एक प्लेटफार्म पर लाया गया है। इन सभी विभागों के अधिकारियों को आईआरएडी से जोड़ दिया गया है। घटना की जानकारी होने पर सबसे पहले पुलिस को ऐप के माध्यम से अलर्ट मैसेज जाएगा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा घायल के लिए उपचार मुहैया कराया जाएगा।

 एनएचएआई विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच कर घटना के कारणों की तह तक जाने का प्रयास करेंगे, इसमें ब्लैक स्पॉट, सड़क पर वाहन की गति आदि की जानकारी जुटाएंगे। वहीं परिवहन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर वाहन की कंडीशन व आसपास अतिक्रमण को देखकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस पूरी रिपोर्टिंग के दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों को फोटो वीडियो लोकेशन के साथ ऐप पर अपलोड करने होंगे।