चित्रकूट एयरपोर्ट से जुलाई से शुरू होगी उड़ान : छोटा रनवे बन कर तैयार , बड़े रनवे का 90 प्रतिशत कार्य पूरा ; जून में निरीक्षण करेगी DGCA की टीम

चित्रकूट। डीजीसीए ( डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ) की टीम हैदराबाद एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का काम देखने के बाद चित्रकूट आ सकती है । सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक , टीम जून महीने में आ सकती है , क्योंकि यहां छोटे रनवे का काम पूरा हो गया है । इंतजार सिर्फ बड़ा रनवे का है । जानकारी के मुताबिक , जुलाई में योगी सरकार बुंदेलखंड एक्सप्रेस - वे और एयरपोर्ट उद्घाटन का सकती है । चित्रकूट धाम तीर्थस्थल को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2013 में डेढ़ किमी हवाई पट्टी का निर्माण कराया था , जिसमें कुछ निजी विमान और हेलीकॉप्टर ही उतर सकते थे ।

इसके बाद वर्ष 2015 में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत केंद्र सरकार ने देवांगना हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया था । डेढ़ किमी लंबे रनवे के निर्माण के लिए 92.66 करोड़ रुपए देने की घोषणा करते हुए 48 करोड़ रुपए जारी किए यह देश के चुनिंदा एयरपोर्टों में से एक है , क्योंकि यह टेबल टॉप एयरपोर्ट है । लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबा , 23 मीटर चौड़ा रनवे बनकर तैयार है । टर्मिनल बिल्डिंग में जिन यात्रियों को जाना है , उनके बैठने के लिए 50 बेंच व आने वाले यात्रियों के बैठने के लिए 50 बेंच की व्यवस्था है । प्रतीक्षालय हाल , चेकिंग पॉइंट , फायर स्टेशन , एटीसी बिल्डिंग , सब स्टेशन , 3.15 लाख लीटर अंडर स्टोरेज पानी ( 1.5 लाख लीटर पानी फायर के लिए 1.65 लाख लीटर पानी पीने के लिए ) सेल्फी पॉइंट , कार पार्किंग , बाहर के लिए स्टेट गवर्नमेंट की मदद से सड़क प्रस्तावित है । इसमें एयरफोर्स एकेडमी भी प्रस्तावित है । यहां बाहर भी लगभग ढाई किलोमीटर का लंबा , 44 मीटर चौड़ा रनवे बन रहा है । जो राइट्स कंपनी देख रही है । उद्घाटन के बाद भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना उड़े देश का हर आदमी उड़ान स्कीम के तहत तीर्थस्थलों को जोड़ेगी ।