जनपद की ग्राम पंचायतों में भव्यता के साथ आयोजित हुआ राष्ट्रीय पंचायत दिवस

जम्मू कश्मीर में आयोजित प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम का हुआ सजीव प्रसारण

ग्राम हरिहरपुर व बदरौली में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए डीएम

बहराइच । आज़ादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में शासन द्वारा राष्ट्रीय पचांयत दिवस को विशिष्ट रूप में मनाये जाने के निर्देशों के क्रम में जनपद के समस्त ग्राम पंचायतों में भव्यता के साथ राष्ट्रीय पचांयत दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें मा. जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। 

इस अवसर पर जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ विकास खण्ड स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मा. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का जम्मू कश्मीर के जनपद साम्बा की ग्राम पंचायत पाली में आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कार्यक्रम का मुख्य आर्कषण रहा। ग्राम पंचायत पाली में आयोजित कार्यक्रम में मा. प्रधानमंत्री जी द्वारा वर्चुअल माध्यम से वर्ष 2022 में पंचायत पुरस्कारों की विजेता पंचायतों को प्रमाण-पत्रों का वितरण एवं ऑन-लाइन पुरस्कार धनराशि के हस्तान्तरण की कार्यवाही की गयी। 

 जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस.के. सिंह के साथ ब्लाक कैसरगंज अन्तर्गत ग्राम बदरौली व ब्लाक हुज़ूरपुर के ग्राम हरिहरपुर में राष्ट्रीय पचांयत दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शरीक हुए। ग्राम बदरौली में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सहकारिता मंत्री श्री मुकुट बिहारी वर्मा, तहसीलदार कैसरगंज शिव प्रसाद, खण्ड विकास अधिकारी अजीत कुमार सिंह, पार्टी पदाधिकारी गौरव वर्मा व सुबेध वर्मा सहित अन्य गणमान्य व संभ्रान्तजन तथा बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे। जबकि हरिहरपुर रानी में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र पंचायत हुज़ूरपुर के प्रमुख अजीत प्रताप सिंह, बीडीओ संदीप सिंह, ग्राम प्रधान रेखा सिंह, ग्राम सचिव अनिल पाण्डेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

राष्ट्रीय पचांयत दिवस के अवसर पर आयोजित ग्राम सभा की विशेष बैठक के दौरान सुशासित गॉव, साफ एवं हरा गॉव, गरीबी मुक्त एवं बेहतर आजीविका वाला गांव, बाल मैत्री गॉव, विकास से लैंगिक समानता वाला गॉव, पर्याप्त जल वाला गॉव, स्वस्थ गांव, सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव तथा गॉव में संरचनात्मक ढाचें की यथेष्ट उपलब्धता इत्यादि विषय पर चर्चा की गयी।

जिलाधिकारी ने ग्रामवासियों से अपेक्षा की कि गॉव में संरचनात्मक ढांचे की यथेष्ट उपलब्धता में से किन्ही 03 थीम का चयन कर अपनी पंचायत को आगामी 06 माह में चयनित थीमों पर मॉडल के रूप में विकसित करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि इसके लिए ग्राम पंचायतें स्वयं सहायता समूह/स्थानीय स्वयं सेवी संस्था, समुदाय आधारित अन्य संगठनों/कारपोरेट संस्थाएं/स्वयं सेवकों का चयन करें जोकि चयनित थीम पर ग्राम पंचायतों का मॉडल के रूप में विकसित करने में सहायता करें।