नहर में पानी ना होने से किसान परेशान

आजमगढ़ : किसानों के हित में हर कोई बातें तो करता है, लेकिन हकीकत कुछ और ही दिख रही है। क्षेत्र के एक दर्जन गांवों के खेतों की सिचाई के लिए खोदी गई शारदा सहायक खंड-32 की मुख्य शाखा के साथ नयनपुर शाखा पूरी तरह सूख चुकी है।

गेहूं की तीसरी सिचाई के लिए किसान नहर में पानी की राह देख रहे हैं। संपन्न किसान निजी साधन से सिचाई में जुटे हैं, लेकिन जिनके पास अपना साधन नहीं है, उन्हें फसलों की पैदावार प्रभावित होने की आशंका सता रही है। नयनपुर शाखा कुर्बानपुर, नरसिंहपुर, कलीजपुर, खुदवल, नयनपुर, जलालपुर, चक्रपानपुर, कनैला, तरछा, अनेई होते हुए मंगई नदी में मिलती है। इस समय किसानों को सिचाई के लिए पानी की आवश्यकता है। यदि अंतिम सिचाई नहीं होगी, तो गेहूं की पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा। यही हाल है शारदा सहायक खंड-32 की मुख्य शाखा का है, जो ताड़ी, किशुनपुर, कटेहरी, बड़ौरा, लप्सीपुर, भुजही तक जाती है। किसान बृजबिहारी पांडेय का कहना है कि गेहूं की तीसरी सिचाई बाकी है। यदि दो चार दिनों में पानी नहीं मिलता है, तो पैदावार आधी हो जाएगी। तरछा के किसान मोहित यादव, कनैला के जंग बहादुर यादव, गुल्लू पाल ने कहा कि तेज हवा के समय सिचाई भी नुकसानदायक होगी, क्योंकि फसलों के गिरकर खराब होने का खतरा रहता है। किसानों ने तत्काल नहर में पानी छोड़ने की मांग की है।