छोटी उम्र में क्यों हो रही गुर्दे की पथरी? जानें कारण के साथ देसी इलाज

किडनी स्टोन की समस्या से बड़े ही नहीं बच्चे भी शिकार हो रहे हैं। ये आमतौर पर गुर्दे में होती है। इसके कारण काफी दर्द का सामना करना पड़ता है। किडनी स्टोन यानि पथरी होने का कारण गलत लाइफ स्टाइल और खानपान है। ऐसे में आज हम आपको विश्व किडनी दिवस के खास मौके पर बच्चे को गुर्दे की पथरी होने का कारण, लक्षण व बचने के घरेलू नुस्खे बताते हैं। इसकी मदद से आप बच्चे को किडनी स्टोन होने की समस्या से बचा सकते हैं। इसके अलावा समय रहते इसके लक्षण पहचान कर सही इलाज दिलवा सकते हैं...

बच्चों में किडनी स्टोन होने के कारण

. डायबिटीज होने के कारण

. वजन अधिक होना

. गुर्दे में संक्रमण की शिकायत होना

. शरीर में पानी की कमी होना

. बच्चे की डेली रूटीन की शारीरिक गतिविधियों में कमी आना

. यूरिन में अधिक कैल्शियम इक्ट्ठा हो जाना

. मेटाबॉलिज्म से जुड़ी परेशानी होना

. जरूरत से अधिक नमक का सेवन

बच्चे में किडनी स्टोन होने के लक्षण

एक्सपर्ट अनुसार, बच्चे में किडनी स्टोन के लक्षण तब तक नहीं दिखाई देते जब तक वह एक जगह पर ना हो। अगर वह अपनी जगह से हिल जाए तो बच्चे के पेट में दर्द हो सकता है। इसके अलावा आप बच्चे के शरीर में अन्य लक्षणों को देखकर किडनी स्टोन होने का पता लगा सकते हैं।

. यूरिन करने दौरान में बदबू आना

. बच्चे को जरूर से अधिक ठंड लगना

. स्वभाव में चिड़चिड़ापन आना

. बच्चे को बार-बार यूरिन आना महसूस होना

. यूरिन का रंग बदलना

. बुखार आना या महसूस होना

. बच्चे का जी मिचलाना या उल्टी आना महसूस होना

. यूरिन करते दौरान बच्चे को दर्द होना

बच्चों में पथरी होने का पता ऐसे लगाते हैं डॉक्टर

बच्चे में ऊपर बताए लक्षण नजर आने पर डॉक्टर उनसे पथरी से जुड़ा पारिवारिक इतिहास पूछते हैं। इसके बाद उसे खान-पीने के बारे में पूछा जाता है। इसके आधार पर ही वे यूरिन टेस्ट, रक्त परीक्षण करवाने की सलाह देते हैं। इससे बच्चे को किडनी स्टोन होने का पता चलता है। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड, पेट का एक्स-रे, सीटी स्कैन आदि से भी पथरी का आकार और जगह जानी जाती है।

बच्चों में किडनी स्टोन दूर करने के देसी नुस्खे

. अनार के जूस में एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टरीयिल, एंटी-वायरल गुण होते हैं। इसका सेवन करन से किडनी डिटॉक्स होने के साथ पथरी संबंधी समस्या से बचाव रहता है।

.एक्सपर्ट अनुसार, नींबू व अन्य खट्टे फलों का सेवन करने से भी किडनी स्टोन की परेशानी दूर रह सकती है।

. ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करने से शरीर में मौजूद विषैले पदार्थ बाहर निकलने में मदद मिलती है। इसके साथ ही इससे किडनी स्टोन होने व इसके बढ़ने से बचाव रहता है।

. कलौंजी में एथेनॉलिक अर्क पाया जाता है। ऐसे में इसका इस्तेमाल से किडनी स्टोन से बचा जा सकता है।

बच्चों में किडनी स्टोन होने से ऐसे करें बचाव

. बच्चे को अधिक से अधिक पानी पिलाएं।

. बच्चे की डेली डाइट में सीमित मात्रा में नमक और प्रोटीन शामिल करें।

. बाहर का तला-भुना, ऑयली फूड से परहेज रखें। बच्चों को घर का बना संतुलित आहार ही खिलाएं।

. घंटों एक जगह बैठे रहने की जगह पर बच्चे को दिनभर में कुछ शारीरिक गतिविधियां करवाएं।

. सोडा या सॉफ्ट ड्रिंक पीने से बचें।