"अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस"

सभी महिलाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

इसके साथ ही ईश्वर से कामना करती हूं कि, दिन- प्रतिदिन , प्रत्येक क्षेत्र में नारी शक्ति का विकास हो, नारीशक्ति का परचम चहुंओर लहराए। कुछ सदियों पूर्व जो शक्ति, धरती मां के धैर्य के नीचे दबी हुई थी,अब वह पूरी तरह से बाहर आ चुकी है। वह इतने वेग से बाहर निकल कर आई है कि, उसे किसी यंत्र से नापना मुश्किल है। ऐसा लग रहा है,मानो हर क्षेत्र में वह पुरुष से आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है, और आगे बढ़ भी रही है।

यानी हमारे बेटों से आगे, हमारी बेटियां बढ़ रही हैं। यह महिलाओं के लिए गर्भ की बात है।

जिस नारी शक्ति को पुरुष ने,जितने भार से दबाया था, आज वह उतने ही तीव्र गति से इस समाज व संसार में विचरण कर रही है।

क्या है महिला शक्ति?

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत, अमेरिका के न्यूयार्क  शहर से महिलाओं ने अपने हक के लिए की थी।बाद में इसे संयुक्त राष्ट्र ने आधिकारिक मान्यता प्रदान की। ये महिलाएं ही हैं,जो हमें अपने हक के लिए लड़ना सिखाती हैं।आज के दिन महिलाओं को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाता है।

इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 का शीर्षक (थीम) है  "आने वाले कल की महिलाएँ " जो महिलाएं किसी न किसी क्षेत्र में शक्तिशाली हैं, इस दिन उनका सम्मान पूरी दुनिया करती है। हमारा समाज उन पर गर्व करता है। धरती के कोने- कोने में प्रत्येक क्षेत्र के निर्माण में महिलाओं का योगदान सराहनीय है। इस बात को हमारे समाज का हर वर्ग स्वीकार करता है।

मैं, कहना चाहती हूं, और पूरे विश्वास के साथ कहती हूं कि,जो व्यक्ति जिनके अंदर ये पांच गुण समाहित हैं--- १-सत्यता २-पवित्र आचरण ३-ईमानदारी ४- सहनशीलता ५- स्वाभिमान । 

इन गुणों से संपन्न हो वह "सर्वशक्तिमान"होगा ।मेरा विश्वास है कि, सिर्फ धन से कोई महिला- पुरुष शक्तिशाली नहीं हो सकता है।

आत्मसम्मान बनाए रखने के लिए, जीवन में सशक्त होना बहुत जरूरी है। अपनी अंदरूनी शक्ति को प्रभावशाली विचारों से सजाना होगा।धन से पहले,तन-मन की शक्ति को और बढ़ाना होगा।

जय हिन्द! नारी शक्ति जिंदाबाद!

डॉ. अनीता चौधरी ( मथुरा से)