---. तीखा तीर ----


लोक तंत्र  का  यही  तकाजा 

कहीं  ढ़ोल  बाजे कहीं बाजा 

साईकिल  पंजा  हाथी गायब 

वोटर  का  मन हो गया ताजा 

बुलडोजर आया  फिर  बाहर 

अपराधी भागे छोड  समाजा 

------ वीरेन्द्र  तोमर