दिव्यांग किशोरी ने जहर खाकर दी जान, मां के डांट पर उठाया आत्मघाती कदम

मुरादाबाद। सड़क हादसे में घायल हुई किशोरी एक पैर से दिव्यांग हो गई। इसके चलते वह मानसिक अवसाद में आ गई। मौका पाकर उसने जहर खा लिया। दो दिन तक चले उपचार के बाद किशोरी की मौत हो गई। किशोरी के आत्मघाती कदम से परिवार में कोहराम मच गया। मझोला पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मझोला थानाक्षेत्र के गांव धीमरी निवासी मदनपाल मजदूरी करते हैं। उनके परिवार में पत्नी प्रमिला के अलावा छह बच्चे आरती, मनीषा, विशाल, सोनू, सोनिया और करिश्मा हैं। पांचवें नंबर की 15 वर्षीया सोनिया कक्षा सात की छात्रा थी। कुछ दिन पूर्व वह एक सड़क हादसे में घायल हो गई। मजदूर पिता ने लाखों रुपये खर्च करके उसका इलाज भी कराया मगर वह एक पैर से दिव्यांग हो गई। तभी से वह तनाव में रहती थी। पिता मदनपाल ने बताया कि सोमवार को परिवार के अन्य लोग खेतों पर गए थे। घर पर सोनिया अकेली थी। इस दौरान उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। जानकारी मिलते ही परिजनों ने उसे दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां दो दिन तक उसका उपचार चला। मगर फिर भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। गुरुवार तड़के उसकी मौत हो गई। मझोला पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।