-- तीखा तीर --

मास फाल्गुन का  लगा 

मौसम  उष्ण   फुहार 

रागनी तीखी होने लगी 

आई  रंगो की  बौछार 

ठंड  जपता  हो  गई 

हाथी   रहा  चिघ्घार  

पंजे  लाल  हो  रहा 

सजा फुलों  का हार

 

-- वीरेन्द्र  तोमर