पुलिस की गलती से हुआ बड़ा हादसा

-महाराणा प्रताप चौक में लगी मूर्ति हुई जमींदोज

-घटना स्थल के बगल में सिविल लाइंस चौकी

बांदा। शराब पीकर ट्रक चलाना कभी-कभी बड़ी घटना को अंजाम दे देता है। जिसकी बानगी बुधवार की रात देखने को मिली। जिसमें नशे की हालत में ट्रक बिना नंबर के चलाने वाले ड्राइवर ने अनियंत्रित होकर शहर के बीचोबीच महाराणा प्रताप चौराहे में स्थित महाराणा प्रताप की मूर्ति के उपर अपना ट्रक चढ़ा दिया। पुलिस की नींद उस समय खुली जब घटना को अंजाम दिया जा चुका था। जबकि घटनास्थल के बगल से सिविल लाइन चौकी मौजूद है। जहां पुलिस कर्मियों का दिनरात पहरा बना रहता है। फिर भी उनकी लापरवाही से बड़ी घटना घट गई। इसी प्रकार एक सप्ताह पहले पांटून पुल पर भी ट्रक के नदी में गिर जाने से घटना घटी थी। जिस पर अभी तक कोई कार्यवाही सामने नहीं आई। 

मूर्ति टूटने की घटना सार्वजनिक होते ही अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया।जिलाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कहा कि कई बार जिला प्रशासन से चौराहे में स्थापित मूर्ति की सुरक्षा के लिए अनुरोध किया जाता रहा है। जिला प्रशासन द्वारा कभी भी इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। परिणामस्वरूप 3 मार्च को एक ट्रक सीधे मूर्ति पर चढ़ा दिया गया। युगपुरुष महाराणा प्रताप की मूर्ति पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। जिससे जिले के लोग दुखी हैं, आक्रोशित हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मूर्ति निर्माण करवाने, स्थापित करवाने की मांग की है। कहा कि ऐसा न होने पर वह आंदोलन को बाध्य होंगे। इसके पूर्व क्षत्रिय महासभा के आक्रोशित लोगों ने यहां जाम लगा दिया। जिसे समझाकर जिलाधिकारी ने खुलवाया। चौराहे का सुंदरीकरण कर शीघ्र अतिशीघ्र महाराणा प्रताप की नई प्रतिमा लगाने की बात कही है। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने आचार संहिता लगी होने की बात कहते हुए 12 मार्च के बाद महाराणा प्रताप की सुंदर प्रतिमा लगवाने के साथ चौराहे का सुंदरीकरण एवं चौड़ीकरण करवाने का आश्वासन दिया है।