नारियाँ

नारियों के बिना

स्वर्ग-सा घर भी

लगता सुना-सुना है

घर में आती चंचलता है।


जग को रोशन 

करती है नारियाँ

वक्त आने पे हमारी

रक्षा करती है नारियाँ।


नारियों से ही

सुचारु रूप से

चल रहा है ये जग

जग को बचाना है

तो नारियों को सम्मान दो


नाम-उत्सव कुमार

बेगूसराय, बिहार