पर्यावरण में ही मानव जाति का भौतिक परिसर विद्यमान है

मानव जाति सहित सभी सजीवों और उनके साथ संबंधित भौतिक परिसर ही पर्यावरण कहलाता है

सभी स्वयंसेवकों ने स्वच्छता के मंत्र का संदेश दिया

चित्रकूट। आज दिनांक 9 मार्च 2022 को गोस्वामी तुलसीदास राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कर्वी चित्रकूट की राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर में पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यक्रम  आयोजित कराए गए l कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर डाइट प्राचार्य रतन सिंह रहे l विशिष्ट अतिथि के रूप में स्काउट गाइड  के जिला सचिव  सुरेश कुमार थे l कार्यक्रम में पधारे मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के साथ महाविद्यालय के प्राचार्य ने वृक्षारोपण किया l अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि ने बताया कि पर्यावरण शब्द 'परि +आवरण' के संयोग से बना है। 'परि' का आशय चारों ओर तथा 'आवरण' का आशय परिवेश है। प्राचार्य डॉ राजेश कुमार पाल ने बताया कि  पर्यावरण  वनस्पतियों, प्राणियों, और मानव जाति सहित सभी सजीवों और उनके साथ संबंधित भौतिक परिसर को पर्यावरण कहतें हैं वास्तव में पर्यावरण में वायु, जल, भूमि, पेड़-पौधे, जीव-जन्तु , मानव और उसकी विविध गतिविधियों के परिणाम आदि सभी का समावेश होता है। स्वच्छता अभियान के तहत स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान के तहत सफाई की l इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक गण कार्यक्रम अधिकारी डॉ वंश गोपाल,डॉ सीमा कुमारी एवं डॉ हेमंत कुमार बघेल उपस्थित थे l स्वयंसेवक आराधना, कीर्ति ज्योति मंजू, अदिति,अजय, कंचन,प्रियंका आदि ने कार्यक्रम प्रस्तुत किए।