लता मंगेशकर ने क्यों नहीं की शादी? इसके पीछे छिपा है गहरा राज

सीधा-सादा लिवास, सिंपल-सी साड़ी, बालों की दो चोटी गूंथी हुई, माथे पर एक बिंदी और जुबां खुलते ही कानों में मिश्री घोलती सी आवाज। इतना पढ़ते ही आप समझ गए होंगे कि बात लता मंगेशकर की हो रही है। आज वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके गाए गीतों में वे हमेशा साथ होंगी। देश में शायद ही ऐसा कोई संगीत प्रेमी होगा, जिसने लता मंगेशकर का गाना नहीं सुना होगा। 700 से भी ज्यादा गाने गा चुकीं भारत रत्न लता मंगेशकर की आवाज उनकी किशोरावस्था से लेकर बुजुर्ग होने तक उतनी ही मीठी रही। अपनी मधुर आवाज का जादू बिखेर कर लता मंगेशकर ने दुनियाभर में भारत की पहचान बढ़ाई है। 

वह हमेशा देश की बहुमूल्य हस्तियों में गिनी जाती रही हैं। मीठी आवाज के साथ ही अपने कोमल और दयालु हृदय के लिए जानी जाने वालीं लता का प्रोफेशनल जीवन बेहद कामयाब रहा, लेकिन बात जब उनकी निजी जिंदगी की आती है तो कहीं न कहीं उनके फैंस का मन कचोटता है कि काश उन्होंने शादी भी की होती और संगीत की उनकी विरासत अगली पीढ़ियों तक भी कायम रहती। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि लता मंगेशकर ने कभी शादी क्यों नहीं की। सफलता के शिखर पर पहुंचने के बावजूद इतने मिलनसार व्यक्तित्व वाली लता जीवन भर अविवाहित क्यों रही? उनके शादी नहीं करने के पीछे कई तरह की बातें बताई जाती हैं, लेकिन लता मंगेशकर ने वर्ष 2011 में अपने जन्मदिन पर  इंटरव्यू में खुद इसकी वजह बताई थी। 

इंटरव्यू में उनसे पूछा गया था, शादी के सपने के साथ बड़ी होने वाली हर लड़की की तरह क्या आपको शादी करने का विचार कभी नहीं आया। इस सवाल पर लता का जवाब था नहीं।  उन्होंने कहा, “सब कुछ भगवान की इच्छा के अनुसार होता है।  जीवन में जो भी होता है, वह अच्छे के लिए होता है और जो नहीं होता, वह भी अच्छे के लिए ही होता है।” इंटरव्यू देते समय वह करीब अपने जीवन के 82वें वर्ष में थीं।  उन्होंने आगे कहा, “अगर यह सवाल मुझसे चार-पांच दशक पहले पूछा जाता, तो शायद आपको कुछ और जवाब मिलता। लेकिन आज मेरे पास ऐसे विचारों के लिए कोई जगह नहीं है”। 

लता मंगेशकर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि घर में वह सबसे बड़ी थीं, सो उनपर जिम्मेदारियों भी कई थीं।  उन्होंने कहा था, “घर के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी मुझ पर थी। ऐसे में कई बार शादी का खयाल आता भी था तो उस पर अमल नहीं कर सकती थी। बेहद कम उम्र में ही मैं काम करने लगी थी। मेरे पास बहुत ज्यादा काम रहता था”। बता दें कि साल 1942 में जब वह महज 13 साल की थीं, तब ही लता मंगेशकर के सिर से पिता का साया उठ गया था। ऐसे में परिवार की सारी जिम्मेदारियां उनके ऊपर आ गई थीं।