सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परशुरामपुर में दुस्वारियों का अंबार

 महराजगंज (आजमगढ़) : स्थानीय विकासखंड अंतर्गत परशुरामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तमाम दुर्वयस्थाओं के बीच आने वाले मरीजों को दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं । वहीं शासन की उत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं पर जिम्मेदार चिकित्सकों द्वारा पलीता लगाया जा रहा है । ऐसा ही मामला रविवार की दोपहर में उक्त स्वास्थ्य केंद्र पर देखने को मिला जब काफी संख्या में एंटी रेबीज इंजेक्शन के लिए पहुंचे मरीजों को डाक्टरों द्वारा काफी देर तक बैठाने के बाद यह बताया गया कि एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है । इतना सुनते ही वहां मौजूद मरीज और उनके तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया । सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने लोगों को खदेड़ कर बाहर किया तब जाकर मामला शांत हुआ। वहां पर मौजूद लोगों ने बताया कि यहां तैनात कोई भी चिकित्सक समय से उपस्थित नहीं रहता है । तथा कभी भी एंटी रेबीज उपलब्ध नहीं रहता है। ओपीडी के बाद मरीजों को बाहर से चिन्हित मेडिकल स्टोर पर दवाएं लिखी जाती हैं । तथा एंटी रेबीज के लिए भी बाहर भेजा जाता है। डिलेवरी के लिए आने वाली महिलाओं को प्राइवेट चिकित्सालयों में इलाज की सलाह दी जाती है । मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों ने देखा कि परिसर में पूरी तरह से गंदगी का अंबार पड़ा था । प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कक्ष से बगल में ही तमाम कूड़ा करकट व शराब की खाली बोतलें फेंकी गयी थी ।

इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी निलेश कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि क्षेत्र के तमाम मरीज इलाज के लिए आते हैं । वह चाय आदि पीकर यहां वहां फेंक देते हैं। उन्हें रोकना संभव नहीं हो पाता है। चिकित्सालय में कोई सफाई कर्मी तैनात नहीं है। इस संबंध में विगत दिनों मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवगत कराया जा चुका है। सफाईकर्मी की वैकल्पिक व्यवस्था मेरे स्तर से संभव नहीं है । उनके इस बयान के सम्बन्ध में मुख्य चिकित्साधिकारी इन्द्रनारायण तिवारी ने कहा कि एंटी रैबीज के अनुपलब्धता की शिकायत मिली थी । प्रभारी चिकित्साधिकारी को समय से जिले से वैक्सीन ले जाने के लिए निर्देशित किया गया है। वहां पर सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रभारी की है । उनकी तैनाती वहां की व्यवस्थाओं को देखने के लिए ही की गई है। पूर्व में सफाई व्यवस्था से संबंधित मुझे किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई है । इस संबंध में जांच कर आगे की कार्यवाही की जाएगी ।