भाजपा प्रत्याशी व पूर्व मंत्री विनोद सिंह की सारथी बनीं बेटी पलक: कोरोना के दौरान मदद का खोला था पिटारा

(संवाददाता अंकित राय)

लोकसभा चुनाव के दौरान निभाई थी किंगमेकर की भूमिका

सुलतानपुर । यूपी चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर चली नूराकुश्ती पर अब फिलहाल भारतीय जनता पार्टी ने विराम लगते हुए सीटिंग एमएलए रहे सूर्यभान सिंह के टिकट को काटते हुए लम्भुआ विधानसभा से बसपा के दो बार विधायक व बसपा सरकार में पर्यटन मंत्री रहे विनोद सिंह को सुल्तानपुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी ने ऐन वक्त अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर पार्टी के खिलाफ बागी रूख अख्तियार करने वालों पर बंदिशों की पाबंदी लगा दिया , राजनैतिक पण्डितों की मानें तो सीटिंग एमएलए रहे सूर्यभान सिंह का क्षेत्र में ना रहना व उनके पुत्र की शासन सत्ता की मदाखलत ही उनके दावेदारी में रोड़ा बन गयी जिसकी रिपोर्ट संगठन समेत अन्य ऐजेंसियों द्वारा पार्टी हाईकमान तक गयी थी ।

पूर्व मंत्री की बेटी पलक सिंह ने कोरोना आपादा के दौरान खोला था जिलेवासियों के लिए पिटारा,

पूर्व मंत्री विनोद सिंह वकालत के साथ ही साथ राजनीति के मझे ट्रंपकार्ड मानें जाते हैं बीते 2019 के लोकसभा चुनाव के दरमियान बसपा को अलविदा कहते हुए भाजपा की प्रत्याशी व पूर्व केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी के चुनावी समर के सारथी के रूप में चुनावी समर में जीत हासिल करा कर भाजपा के लिए सूरमा बन गये , जिसका ईनाम भाजपा ने सीटिंग एमएलए का टिकट काट कर पूर्व मंत्री पर आस्था जाहिर करते हुए अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया । पूर्व मंत्री की बेटी पलक आपदा के दौर कोरोना काल के दौरान लाइमलाइट में आई थीं , पलक सिंह बीटेक व एमबीए आईआईएम चेन्नई पास आउट जो कि पब्लिक मैनेजमेंट की कला की बादशाही में पारंगत हैं जिन्होंने अपने आपदा के दंश में अपने पिटारे को खोलते हुए प्रशासनिक अमले का भी भरपूर सहयोग किया था और उसवक्त पलक ने राजनीति में दखल पर दो ट्रूक कहते हुए स्पष्ट कर दिया था कि राजनीति में मेरा कोई वास्ता नहीं में तो राष्ट्र की सेविका हूँ जिसको जमकर सराहा भी गया था ऐसे में पलक सिंह अपने पिता पूर्व मंत्री विनोद सिंह के चुनावी कैम्पेन की बागडोर सम्भाल सकती ।