केन्द्रीय वित्त मंत्री का यूपी टाइप का बयान प्रदेश की महान विरासत व संस्कृति का अपमान-प्रमोद तिवारी

लालगंज, प्रतापगढ़। केन्द्रीय कांग्रेस वर्किग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने केन्द्रीय बजट को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर अपरोक्ष बयान की तल्ख आलोचना करते हुए इसे उत्तर प्रदेश की महान विरासत और संस्कृत का अपमान करार दिया है। श्री तिवारी ने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उत्तर प्रदेश को नसमझ बताकर प्रदेश की मेधा क्षमता तथा प्रतिभाओं की दक्षता पर तंज कसकर प्रदेश के करोड़ो लोगों की भावनाओं पर कुठाराघात पहुंचाया है। बुधवार को कैम्प कार्यालय पर मीडिया से रूबरू प्रमोद तिवारी ने कहा कि केन्द्रीय वित्तमंत्री ने आध्यात्म और शिक्षा के प्रचण्ड सूर्य माने जाने वाले उत्तर प्रदेश को यूपी टाइप वाला बताकर उत्तर प्रदेश को गाली देने जैसा अक्षम्य अपराध किया है। उन्होनें कहा कि अहंकार से ग्रस्त तमिलनाडु की निर्मला सीतारमण ने जिस तरह से अविवेकपूर्ण ढंग से राहुल गांधी के बयान को यूपी टाइप वाला नासमझ बताया है उससे उत्तर प्रदेश की गंगा जमुनी तहजीब और धर्म तथा आध्यात्म की केन्द्र स्थली माने जाने वाला यूपी असह्य वेदना से ग्रसित हुआ है। सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने कहा कि राजनीतिक कुंठा की हद पार कर गयी केन्द्रीय वित्त मंत्री सीतारमण को अब ऐसे बयान के बाद केन्द्रीय मंत्रिमण्डल मे बने रहने का अधिकार नही है। उन्होने कहा कि नैतिकता का तकाजा है कि वित्तमंत्री स्वयं इस्तीफा दे दें अन्यथा संघीय ढांचे को मजबूत बनाये रखने की संवैधानिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपनी सरकार की ऐसी अपरिपक्व मंत्री को मंत्रिमण्डल से बर्खास्त कर देना चाहिये। वहीं सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने कहा कि यूपी के स्वाभिमान पर जिस तरह से केन्द्रीय वित्त मंत्री ने हमला किया है आने वाले समय मे यूपी की प्रबुद्ध जनता जनादेश से भाजपा के इस बड़बोलेपन को सबक सिखायेगी। श्री तिवारी ने कहा कि चौतरफा मंहगाई तथा भ्रष्टाचार एवं बेरोजगारी व कानून व्यवस्था को लेकर मोदी सरकार जनता मे तो जबाबदेही नही ले पा रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद ने कहा कि अब मोदी सरकार के मंत्री अपनी खीझ मिटाने के लिए राज्यों की संस्कृतियों पर भी हमलावर हो उठे है। उन्होनें कहा कि जिस तरह से विशेषज्ञ अर्थशास्त्र जगत ने केन्द्रीय बजट को रोजगार तथा आम आदमी की आय को लेकर आधारगत सवाल उठाये हैं उसके तहत मोदी सरकार को देश की जनता के सामने सही तस्वीर रखने का जरा सा भी नैतिक साहस नही रह गया है। सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने कोरोना ओमिक्रॉन संकट के तहत मृत्यु दर मे ताजा बढोत्तरी के आंकडे को चिन्ताजनक ठहराया है। उन्होने कहा कि देश कोरोना की तीन तीन लहर झेल चुका है इसके बावजूद जिस तरह से ग्रामीण भारत की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर केन्द्र राज्यों पर जिम्मेदारी थोप रहा है इसे देखते हुए यह साफ है कि मोदी सरकार आम आदमी की जीवन सुरक्षा के प्रति भी अब गंभीर नही रह गयी है। वहीं कांग्रेस विधानमण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने भी मोदी एवं योगी सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि केन्द्र एवं राज्य की भाजपा सरकारों का कानून और व्यवस्था तथा जनता को राहत देने वाली योजनाओं से कोई सरोकार नही रह गया है। सीएलपी नेता मोना ने कहा कि भाजपा इस चुनाव मे उत्तर प्रदेश मे मुददाविहीन है ऐसे मे बीजेपी के केन्द्रीय मंत्री व नेता पूरी तरह हताश है। आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि केन्द्रीय वित्तमंत्री सीतारमण का यूपी के संदर्भ मे ताजा बयान इसी राजनीतिक हताशा की पराकाष्ठा है। इस मौके पर प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी, मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल, प्रमुख अमित सिंह, चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी भी मौजूद रहे।